Jaipur Police Head Constable Arrest: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम (CST) में तैनात हेड कांस्टेबल रोहिताश को आर्म्स एक्ट के आरोपियों से कथित मिलीभगत के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस के अनुसार, रोहिताश की आरोपियों से करीब दो साल से पहचान थी और जांच में उसके दो पिस्टल लेकर जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में हथियारों की खरीद-फरोख्त के आरोप में फुरकान, अभिषेक और मनीष को भी गिरफ्तार किया गया है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने डीसीपी (उत्तर) करण शर्मा को तथ्यों को छिपाने, जांच प्रभावित करने और संदिग्ध लोगों से अनुचित संबंध रखने के आरोपों पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

दो साल से आरोपियों से पहचान, दो पिस्टल ले जाने का आरोप

डीसीपी (उत्तर) करण शर्मा के अनुसार, आर्म्स एक्ट के मामले की जांच में सामने आया कि हेड कांस्टेबल रोहिताश की अभिषेक, मनीष मीणा और मृदुल सोनी से करीब दो साल से जान-पहचान थी। जांच में यह भी पता चला कि अभिषेक के पास पिछले चार-पांच साल से एक पिस्टल और दो कारतूस थे। पुलिस के मुताबिक, रोहिताश करीब एक महीने पहले अभिषेक से एक पिस्टल और आठ-दस दिन पहले मनीष से दूसरी पिस्टल लेकर गया था। इन तथ्यों के सामने आने के बाद रोहिताश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हथियारों की खरीद-फरोख्त के आरोप में फुरकान, अभिषेक और मनीष को भी पकड़ा गया है।

कहासुनी के बाद पुलिस को सूचना देने की बात आई सामने

जांच में आरोपियों और हेड कांस्टेबल के बीच विवाद का पहलू भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, करीब सात-आठ दिन पहले अभिषेक, मनीष और रोहिताश के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद रोहिताश की ओर से पुलिस को सूचना देने और उस आधार पर कार्रवाई करवाने की बात सामने आई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में मृदुल सोनी की भूमिका शुरुआती जांच में स्पष्ट नहीं हुई है। उसे मामले में फंसाए जाने से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। ऐसे में उसकी भूमिका की जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हेड कांस्टेबल पर विभागीय कार्रवाई की भी तैयारी

डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि पिस्टल लेकर आने वाले फरहान की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही, हेड कांस्टेबल रोहिताश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस घटनाक्रम, सूचना दिए जाने के कारणों और मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, साक्ष्यों के परीक्षण के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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