Jaipur Fake Ghee Packing: जयपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच झोटवाड़ा में नकली घी की पैकिंग तैयार करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। जयपुर कमिश्नरेट की CST और झोटवाड़ा थाना पुलिस ने मंगलवार को फैक्ट्री एरिया स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर सरस, लोट्स, महान और कृष्णा ब्रांड के नाम पर तैयार की जा रही फर्जी पैकिंग सामग्री बरामद की।

मौके से 61,600 खाली मोनो कार्टन, 61,600 पाउच पैक और 61,600 बारकोड स्कैनर समेत पैकिंग मशीनें और सप्लाई में इस्तेमाल वाहन जब्त किए गए है। वहीं पुलिस ने मुख्य सरगना अनिल अग्रवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों की पहचान अनिल अग्रवाल (35) निवासी चाकसू, मोहनलाल शर्मा (42) निवासी चाकसू और याकूब (40) निवासी नाहरगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की भूमिका नकली घी की पैकिंग तैयार कर उसे दूसरे कारोबारियों तक पहुंचाने से जुड़ी सामने आई है।

एक महीने की निगरानी के बाद गोदाम पर दबिश

DCP वेस्ट प्रशांत किरण के अनुसार झोटवाड़ा थाना पुलिस और CST टीम करीब एक महीने से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। तकनीकी सहायता से जानकारी जुटाने के बाद मंगलवार को फैक्ट्री एरिया स्थित गोदाम पर दबिश दी गई। यहां बड़ी मात्रा में ब्रांडेड कंपनियों के नाम वाली फर्जी पैकिंग सामग्री मिली।

सरस अधिकारियों ने मौके पर की जांच

गोदाम से सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने सरस डेयरी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने बरामद रैपर, मोनो कार्टन और हॉलमार्क की जांच की। जांच में पैकिंग सामग्री और हॉलमार्क फर्जी पाए गए।

इसके बाद सरस डेयरी के राजाराम कार्यालय की ओर से पुलिस को रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट के आधार पर झोटवाड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। मामले की जांच ACP झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज कर रहे हैं।

मशीनों से तैयार करते थे ब्रांडेड घी की फर्जी पैकिंग

पुलिस जांच के अनुसार अनिल अग्रवाल टोंक निवासी अमन जैन से रैपर और खाली मोनो कार्टन खरीदकर लाता था। इसके बाद झोटवाड़ा स्थित गोदाम में प्रिंटिंग मशीन की मदद से कार्टन और रैपर पर सरस, लोट्स, महान और कृष्णा घी के ब्रांड, तारीख और हॉलमार्क फर्जी तरीके से अंकित किए जाते थे।

तैयार पैकिंग को जयपुर और आसपास के इलाकों में छोटे व्यापारियों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस के अनुसार इन फर्जी रैपर और कार्टनों का इस्तेमाल नकली घी की पैकिंग में किया जाता था।

नकली घी कारोबारियों को होती थी सप्लाई

पुलिस के मुताबिक गोदाम में तैयार की गई फर्जी पैकिंग प्रमोद अग्रवाल, श्यामसुंदर राठौड़ और अन्य नकली घी कारोबारियों को सप्लाई की जाती थी। यानी आरोपी सीधे नकली घी तैयार करने के बजाय उसके लिए ब्रांडेड कंपनियों की फर्जी पैकिंग तैयार कर रहे थे।

कोडवर्ड में लेते थे ऑर्डर, बदलते थे वाहन और रास्ते

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की नजर से बचने के लिए सप्लाई के दौरान अलग-अलग रास्तों और वाहनों का इस्तेमाल करते थे। व्यापारियों से पैकिंग की मांग कोडवर्ड में ली जाती थी। इसके बाद मांग के अनुसार पैकिंग सामग्री पहुंचाई जाती थी।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी पैकिंग किन-किन कारोबारियों को सप्लाई की जाती थी और नकली घी के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की इसमें क्या भूमिका है।

गोदाम से ये सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 61,600 खाली मोनो कार्टन, 61,600 पाउच पैक और 61,600 बारकोड स्कैनर बरामद किए हैं। इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक मशीन, एक प्रिंटर/कन्वेयर, एक इलेक्ट्रिक कांटा, एक सिलाई मशीन, सरस, लोट्स, महान और कृष्णा के नाम के नकली रैपर, फर्जी हॉलमार्क और अन्य पैकिंग सामग्री जब्त की गई है। सप्लाई में इस्तेमाल एक अर्टिगा कार और एक लोडिंग टेम्पो भी पुलिस ने जब्त किया है। मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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