Jaipur GPS Theft: जयपुर में बैंकिंग सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले करीब 2 करोड़ रुपये के GPS डिवाइस चोरी करने के मामले में सांगानेर सदर थाना पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कंपनी के सॉफ्टवेयर में हेराफेरी कर फर्जी ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

हैरानी की बात यह है कि चोरी का मास्टरमाइंड उसी कंपनी में काम करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 162 GPS डिवाइस, 103 एंटीना, 3.50 लाख रुपये नकद और चोरी के उपकरण बेचकर खरीदा गया सामान बरामद किया है।

कंपनी के कर्मचारी ने ही रची चोरी की साजिश

जयपुर (दक्षिण) डीसीपी राजर्षि राज वर्मा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजहरुद्दीन उर्फ अजहर और मोहम्मद जैद के रूप में हुई है। अजहर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हुमायूंपुर का रहने वाला है और फिलहाल जयपुर की ईदगाह कच्ची बस्ती में रह रहा था। दूसरा आरोपी मोहम्मद जैद जयपुर की गुलजार कॉलोनी का निवासी है।

जांच में सामने आया कि अजहरुद्दीन इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था। दोनों आरोपी सीतापुरा रीको एरिया स्थित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस निर्माता कंपनी रेवेंस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थे। इस वजह से उन्हें कंपनी के सॉफ्टवेयर का एक्सेस मिला हुआ था।

पुराने ग्राहकों की ID से बुक करते थे फर्जी ऑर्डर

पुलिस जांच में चोरी का तरीका भी सामने आया है। दोनों आरोपियों ने कंपनी के पुराने ग्राहकों की आईडी का इस्तेमाल कर फर्जी ऑनलाइन ऑर्डर जनरेट किए। इसके बाद सॉफ्टवेयर में हेराफेरी करके डिलीवरी एड्रेस बदल दिया जाता था। इस तरीके से कंपनी की जानकारी के बिना GPS उपकरण बाहर निकलवाए जाते थे। आरोपी इन डिवाइस को बाजार में कम कीमत पर बेच देते थे। इसी तरह धीरे-धीरे करीब दो करोड़ रुपये कीमत के GPS उपकरण चोरी कर लिए गए।

कंपनी ने जताई थी GPS के दुरुपयोग की आशंका

इस मामले में कंपनी के निदेशक सार्थक जैन ने 29 अगस्त 2026 को सांगानेर सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि कंपनी के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर फर्जी ऑनलाइन ऑर्डर तैयार किए गए और करीब दो करोड़ रुपये के बैंकिंग GPS उपकरण चोरी कर लिए गए। कंपनी ने आशंका जताई थी कि चोरी किए गए उपकरणों का गलत इस्तेमाल हो सकता है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की।

GPS बेचकर खरीदे लैपटॉप, प्रिंटर और सिलाई मशीनें

चोरी किए गए GPS उपकरण बेचकर आरोपियों ने जो सामान खरीदा था, वह भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। इसमें एक लैपटॉप, प्रिंटर, सिलाई मशीनें और कुर्सियां शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 3.50 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान 162 GPS डिवाइस और उनके साथ इस्तेमाल होने वाले 103 एंटीना भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए GPS उपकरणों की खरीद कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है।

तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से खुला मामला

वारदात का खुलासा करने के लिए थानाधिकारी कमलेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। जिला विशेष टीम (DST) के साथ मिलकर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र से जानकारी जुटाई। लगातार जांच के बाद पुलिस कंपनी के सॉफ्टवेयर में की गई हेराफेरी और फर्जी ऑर्डर के जरिए GPS उपकरणों की चोरी तक पहुंची। इसके बाद मास्टरमाइंड अजहरुद्दीन और उसके साथी मोहम्मद जैद को गिरफ्तार कर लिया गया।

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