Jaipur Purohit Ji Ka Katla Fire: राजधानी जयपुर के पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को लगी भीषण आग के बाद शुक्रवार को भी बाजार में दुकानें बंद रहीं। आग की चपेट में करीब 20 दुकानें और गोदाम आए हैं। करोड़ों रुपये का सामान जलकर मलबे में बदल गया।

रातभर दुकानों से धुआं उठता रहा, जिसके चलते दमकल और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात रहीं। इस बीच माणक चौक थाना पुलिस ने कॉम्प्लेक्स मालिक आनंद सेठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। FIR में अवैध निर्माण, फायर सेफ्टी और सुरक्षा उपकरणों के चालू हालत में नहीं होने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
13 घंटे तक आग की चपेट में रहा कॉम्प्लेक्स
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, सेठी कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर लगी आग ने दुकानों और गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 20 दुकानें लगभग 13 घंटे तक आग की जद में रहीं। पुरोहित जी का कटला बेहद भीड़भाड़ वाला बाजार है। यहां 500 से ज्यादा दुकानें हैं। आम दिनों में बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में आग के दौरान संकरी गलियों और रास्तों के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में परेशानी हुई। आग बुझाने के लिए एक अस्थायी दीवार तक हटाकर रास्ता बनाया गया।
FIR में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर आरोप
माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के मुताबिक, एसआई नरेंद्र की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच थानाधिकारी खुद कर रहे हैं। रिपोर्ट में अवैध निर्माण के साथ अग्निशमन और सुरक्षा उपकरण चालू हालत में नहीं होने का उल्लेख है। फायर एनओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं होने और संकरे रास्तों के बीच आवाजाही के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के आरोप भी लगाए गए हैं। एफएसएल की टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। आग के कारणों और नुकसान का अंतिम आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है।
दूसरे दिन भी दुकानें बंद, बिजली सप्लाई भी बंद
आग के बाद शुक्रवार को भी पुरोहित जी का कटला बंद रहा। दुकानों के अंदर से रह-रहकर धुआं उठने के कारण एहतियात बरती गई। दमकल और एसडीआरएफ की टीमें दूसरे दिन भी मौके पर मौजूद रहीं। इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद है। बाजार में हर दिन हजारों खरीदार और विदेशी सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन आग के बाद दुकानदारों को दुकानें खोलने का मौका नहीं मिला।
गहलोत ने उठाए हाइड्रेंट सिस्टम और फायर NOC पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को मौके पर पहुंचे और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कटला में आग बुझाने के लिए हाइड्रेंट सिस्टम लगाया गया था, लेकिन उसकी टेस्टिंग और मेंटेनेंस नहीं की गई। गहलोत ने नगर निगम की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सरकार बदलने के बावजूद फायर फाइटिंग सिस्टम की समुचित देखरेख होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दुकानदार नगर निगम की कार्यशैली को लेकर शिकायत कर रहे हैं। फायर एनओसी को लेकर गहलोत ने निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार राजनीतिक दबाव में भवनों को एनओसी दी जाती है। उन्होंने सरकार से यह पता लगाने की मांग की कि किन भवनों को दबाव में एनओसी जारी की गई।
दिन में आग लगती तो बड़ा नुकसान हो सकता था
गहलोत ने कहा कि शहर की सभी इमारतों की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली, राजकोट, लखनऊ और सूरत में हुए आग के हादसों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जयपुर में एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भी आग लग चुकी है। पुरोहित जी के कटला में आग की घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन उनके मुताबिक अगर हादसा दिन में होता तो भीड़ के कारण स्थिति ज्यादा मुश्किल हो सकती थी। गहलोत ने यह भी कहा कि आग से प्रभावित व्यापारियों को सरकार की ओर से मदद मिलनी चाहिए और आग लगने के कारणों की पड़ताल होनी चाहिए।
व्यापारी बोले- रात को दुकान छोड़ी, सुबह सड़क पर आ गए
आग से प्रभावित व्यापारी राजेश कुमार जैन ने बताया कि उनकी सेठी कॉम्प्लेक्स में करीब 20 साल से दुकान है। दूसरी मंजिल पर उनकी मनिहारी के सामान की पांच दुकानें और गोदाम हैं। उनके मुताबिक, पास की किसी दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिसने बाद में उनकी दुकानों को भी चपेट में ले लिया। उन्होंने करीब 2.50 करोड़ रुपये का स्टॉक और करीब 50 लाख रुपये का अन्य सामान जलने की बात कही। राजेश कुमार जैन के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स के दुकानदार हर साल करीब 40 लाख रुपये अर्बन डेवलपमेंट टैक्स देते हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदार सरकार को जीएसटी और इनकम टैक्स भी देते हैं, लेकिन अब जब वे संकट में हैं तो सरकार को उनकी सुध लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुकानदार रात को दुकान बंद करके गए थे और सुबह उनका सब कुछ तबाह हो चुका था।
एक व्यापारी की पांच दुकानें जलीं
आग से एक व्यापारी की पांच दुकानें भी प्रभावित हुई हैं। दुकानदार के अनुसार इन दुकानों का करीब 1.60 करोड़ रुपये का बीमा है, लेकिन वास्तविक नुकसान इससे अधिक हुआ है। पुलिस की FIR में सेठी कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल की कई दुकानों का उल्लेख किया गया है। इनमें सतनाम मदन ट्रेडर्स, राजेश-दीपिका, जितेंद्र-कमल, कमल अग्रवाल, शैलेंद्र अग्रवाल, मगन, हसन, राकेश गुप्ता की विमल होजरी एजेंसी समेत अन्य दुकानों के प्रभावित होने की बात दर्ज है।
अब जांच से साफ होगी आग की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी इंतजाम, फायर एनओसी, निर्माण और आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर जांच आगे बढ़ेगी। दुकानदारों का नुकसान कितना हुआ, इसका अंतिम आकलन भी जांच के बाद स्पष्ट होगा।
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