Jaisalmer Railway Station Redevelopment: सीमावर्ती जिले जैसलमेर के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जैसलमेर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर से वर्चुअल माध्यम से इस स्टेशन का उद्घाटन किया। यह पुनर्विकसित स्टेशन करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। जैसलमेर में आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

विकास और विरासत का अनूठा संगम

केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह स्टेशन आधुनिक भारत की विकास यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह स्टेशन पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। स्टेशन की वास्तुकला में जैसलमेर की ऐतिहासिक पहचान साफ झलकती है। इसके बाहरी हिस्से में पीले बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया है। यह दूर से ही सोनार किले की भव्यता का अहसास कराता है।

यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं

रेलवे ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं जुटाई हैं। यात्रियों के लिए 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर लगाए गए हैं। तीनों प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए दो आधुनिक फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। इसके अलावा विशाल एयर कॉनकोर्स और आधुनिक प्रतीक्षालय भी बनाए गए हैं। गर्मी से राहत के लिए प्लेटफॉर्मों पर बड़े आधुनिक शेड की व्यवस्था की गई है।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना केवल स्टेशन के सौंदर्याकरण तक ही सीमित नहीं है। यहां रेल कोच रेस्टोरेंट, रिटायरिंग रूम और मल्टीपर्पज हॉल विकसित किए गए हैं। इससे स्थानीय होटल, परिवहन और हस्तशिल्प व्यवसाय को भी बड़ा फायदा मिलेगा। यह स्टेशन जैसलमेर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर भी विकास की बयार

इसी कड़ी में सांसद सीपी जोशी ने चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। वहां 45 करोड़ की लागत से स्टेशन के पुनर्विकास की योजना है। अगले 50 वर्षों की जरूरतों को देखते हुए वहां तीन मंजिला आधुनिक भवन बनेगा। वहां यात्रियों की सुविधा के लिए 6 नई लिफ्ट लगाई जाएंगी।

पढ़ें ये खबरें