जालंधर: ‘लाल लकीर’ के भीतर बने घरों और दुकानों के मैलिकों को जल्दी ही पंजाब सरकार राहत देने वाली है। जानकारी मिली है कि भगवंत मान के निर्देशन में विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब सरकार ने लाल लकीर वालों को मालिकाना हक देने वाली है। ‘स्वामित्व योजना- मेरा घर, मेरे नाम’ के तहत जालंधर जिले के 7 गांवों में 1068 परिवारों को 7 अक्टूबर से प्रॉपर्टी कार्ड देने की प्रक्रिया शुरू होगी। बताया जा रहा है कि 1005 गांवों में लाल लकीर का सर्वे पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान धूरी में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम से इस खास योजना की शुरुआत करेंगे। यह योजना फिलहाल गांवों तक ही सीमित है शहरों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, जिले की फाइनल सूची तैयार होने के बाद अन्य पात्र परिवारों को भी इसका लाभ मिलेगा।

5 साल में पूरा हुआ सर्वे

इस योजना की शुरुआत अक्टूबर 2021 में हुई थी मौजूदा पंजाब सरकार ने इसका सर्वे पूरा किया है। इसके बाद ड्रोन और डिजिटल मैपिंग के साथ ग्राउंड वेरिफिकेशन कराया गया। पटवारियों, कानूनगो और तहसीलदारों के जरिए पंजाब के करीब 12,700 गांवों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। आपको बता दें कि गांव की आबादी वाली जमीन को ‘लाल लकीर’ कहा जाता है, जहां लोग पीढ़ियों से घर बनाकर रह रहे हैं। इन संपत्तियों का नियमित राजस्व रिकॉर्ड नहीं होने के कारण लोगों के पास पक्के मालिकाना दस्तावेज नहीं थे। प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद संपत्ति का सरकारी रिकॉर्ड दर्ज होगा, जिससे खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और सीमा विवादों में भी राहत मिलेगी।

यह कार्ड हैं दायरे में

आपको बता दें कि जालंधर के चेत्तेवाल व जगराल में 300, गोराया के गांव सैदोवाल में 147, नकोदर के जमैतगढ़ में 34, शाहकोट के ईनोवाल 84, शालापुर 62, भोएपुर को 206, मेहतपुर के गांव रायेपुर अराईयां में 225, करतारपुर के गांव मूमनपुर 10 में इतने घर को कार्ड मिलेगा.