जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के सामने भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। घटना में कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण प्रखंड अध्यक्ष मनोज उपाध्याय और भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी के आरोप लगाए हैं। वहीं, प्रशासन ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस सांसद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बिष्टुपुर के जी टाउन मैदान से पैदल मार्च निकाला। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्थरबाजी होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शन में महिला मोर्चा के साथ बड़ी संख्या में भाजपा के पुरुष नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे।

कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि उसके कार्यकर्ता कार्यालय के सामने मौजूद थे, तभी भाजपा की ओर से पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह ने घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाना चाहिए था। उनके मुताबिक, प्रशासन की ओर से उचित व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण टकराव की स्थिति बनी।

अवधेश सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के प्रदर्शनकारियों का स्वागत करने के लिए लड्डू, जलेबी और गुलाब के फूल लेकर इंतजार कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के व्यवहार के कारण विवाद बढ़ा और कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं।

वहीं, भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू ने पत्थरबाजी के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामने फूल रखे और पीछे से पत्थरबाजी की। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मौके पर पहुंची पुलिस, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सिटी एसपी और धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति संभाली। सुरक्षा के मद्देनजर वज्र वाहन भी तैनात किया गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर उन्हें पीछे हटाया और शांति बनाए रखने की अपील की।

अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल होने वालों की पहले से बताई गई संख्या के आधार पर पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन महिला मोर्चा के साथ पुरुष कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और पत्थरबाजी या हिंसा के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।