कुंदन कुमार, पटना। बिहार के जमुई जिले से एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सम्राट चौधरी और मौजूदा एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि इस शासनकाल में बिहार की बेटियां बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई है।

​क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो का सच?

​सामने आए वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक स्कूटर या बाइक पर सवार होकर एक युवक और युवती कहीं जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार तथा अमानवीय हरकत को अंजाम दिया। यह वीडियो जमुई और लखीसराय जिले के बॉर्डर क्षेत्र का बताया जा रहा है। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

​राजद का सरकार पर करारा प्रहार

​राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वीडियो वायरल होने और पुलिस से औपचारिक शिकायत करने के बावजूद अपराधियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार राज्य की बेटियों की सुरक्षा के दावे करती है, उसे इस तरह की घटनाओं पर शर्म क्यों नहीं आती? उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में लगातार ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। उन्होंने जनता की ओर इशारा करते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर अपनी जवाबदेही का निर्वहन न करने वाली इस सरकार को करारा जवाब देगी।

​जमुई पुलिस की तुरंत कार्रवाई और जांच

​सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद जमुई पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। जमुई एसपी ने फोन पर जानकारी दी कि वायरल वीडियो जमुई और लखीसराय सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की पहचान कर ली है और अब उनसे संपर्क साधने का प्रयास कर रही है।
​पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन लोगों को सड़क पर रोका गया था और इस घटना के पीछे असली वजह क्या है। वीडियो में दिख रहे अन्य संदिग्ध लोगों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बिना पूरी सच्चाई जाने किसी भी तरह की अफवाहों को सोशल मीडिया पर न फैलाएं।