मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश दौरे के बाद निवेश को लेकर बने सकारात्मक माहौल का उल्लेख किया. उन्होंने जापान के साथ निवेश, रोजगार, कौशल विकास और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए.

सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश आगमन से दोनों पक्षों के बीच निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल बना है. उन्होंने कहा कि जापानी अतिथियों ने उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों की सराहना की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद और निवेश के जरिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है. सोमवार को उन्होंने जापानी कंपनियों से निवेश आकर्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की.

बैठक में प्रतिनिधिमंडल के साथ हुए विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की जानकारी दी गई. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य निवेश, विनिर्माण, हरित ऊर्जा, तकनीक, कौशल विकास, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना रहा.

यीडा में 350 एकड़ अधिग्रहण

मुख्यमंत्री ने यीडा के अंतर्गत प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए.

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुल 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है.

जापान भेजें प्रतिनिधिमंडल

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में होने वाले वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल भेजा जाए. इसमें मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ, उद्योगपति और जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जापानी भाषा प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों को तेज करने तथा यामानाशी प्रांत समेत जापान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बल दिया.

उन्होंने इन्वेस्ट यूपी में अलग से यामानाशी जापान डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया, ताकि नियमित संवाद बना रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर तीन महीने में इसकी प्रगति रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए.

बौद्ध सर्किट होगा आकर्षक

जापानी पर्यटकों के लिए बौद्ध सर्किट को और आकर्षक बनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा रूट विकसित किया जाए, जिससे वे सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु समेत कई बौद्ध स्थलों का दर्शन एक साथ कर सकें.

आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित करने का भी आदेश दिया गया. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को ने सारनाथ की तरह जापान के नारा को भी विश्व धरोहर स्थल घोषित किया है.

दोनों स्थानों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के प्रयास किए जाएं. द्विपक्षीय पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी उन्होंने प्रयास बढ़ाने के निर्देश दिए.