देवघर। हावड़ा-दिल्ली मेन रेल लाइन पर रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में जसीडीह रेल बाईपास की शुरुआत की गई। शुक्रवार को गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने जसीडीह रेल बाईपास का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नई रेल लाइन पर स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक चेतना नंद सिंह और रेलवे के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

शंकरपुर में यार्ड विकसित करने की उठाई मांग

उद्घाटन के बाद सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि जसीडीह रेल बाईपास शुरू होने से रेलवे को एक नए रूट का विकल्प मिला है। अब शंकरपुर स्टेशन पर यार्ड विकसित किया जाना चाहिए। इससे जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और इंजन को दिशा बदलने यानी रिवर्सल की प्रक्रिया से भी राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पहले रेल कनेक्टिविटी के मामले में पिछड़ा हुआ था, लेकिन अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। जसीडीह रेल बाईपास इस इलाके के लिए बेहद जरूरी था।

जामा और हंसडीहा बाईपास पर भी जोर

सांसद ने जामा और हंसडीहा में भी रेल बाईपास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देवघर अब गोड्डा रेल लाइन से सीधे जुड़ गया है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन परियोजना को जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी।

माल ढुलाई के लिए नए स्टेशन और मल्टी-मॉडल हब का प्रस्ताव

डॉ. निशिकांत दुबे ने हंसडीहा के आसपास मालगाड़ियों के संचालन और माल ढुलाई को बेहतर बनाने के लिए दो से तीन स्टेशन विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन स्टेशनों पर कोयले की डंपिंग की व्यवस्था की जा सकती है।

इसके अलावा, झाझा-जसीडीह रेलखंड पर तुलसीटांड़ के पास माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए मल्टी-मॉडल हब विकसित करने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, ऐसी सुविधाओं से क्षेत्र में रेल परिवहन और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जसीडीह रेल बाईपास की शुरुआत को क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे रेल परिचालन को अधिक सुगम बनाने और भविष्य में नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए रास्ता तैयार होने की उम्मीद है।