अमृतसर. श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। अंतरिम रूप से ज्ञानी जगतार सिंह को यह सेवा सौंपी गई है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही थी। आज हुई अंतरिम समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ जांच कर रही समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया गया, जिसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान कुछ शिरोमणि समिति के सदस्यों ने इस फैसले का विरोध भी किया, लेकिन बहुमत से यह निर्णय पारित हुआ।

समिति कर रही थी मामले की जांच
दिसंबर में श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले एक व्यक्ति, गुरप्रीत सिंह, ने शिरोमणि समिति के प्रधान के पास ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। गुरप्रीत सिंह का दावा था कि उनका विवाह जथेदार की साली से हुआ था। उनका आरोप था कि जथेदार ने उनकी वैवाहिक जिंदगी में दखल दिया और उनकी पत्नी को बहकाया, जिससे उनका तलाक हो गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि जथेदार ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और जानबूझकर उन्हें अदालती मामलों में उलझाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वे एसजीपीसी के कर्मचारी थे, लेकिन उनकी नौकरी छीन ली गई, जिसके कारण वे डिप्रेशन में चले गए।
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