रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाना भगत आंदोलन के प्रणेता जतरा टाना भगत की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जतरा टाना भगत ने अन्याय और शोषण के खिलाफ सत्य, अहिंसा और सामाजिक सुधार का रास्ता अपनाते हुए जनजागरण का नेतृत्व किया।
प्रकृति और संस्कृति के प्रति समर्पण को किया याद
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में जतरा टाना भगत के संघर्ष और विचारों को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अन्याय और शोषण के विरुद्ध संघर्ष के साथ सत्य और अहिंसा के मूल्यों से जुड़ा रहा।हेमंत सोरेन ने कहा कि जतरा टाना भगत का प्रकृति, समाज और अपनी संस्कृति के प्रति समर्पण आज भी प्रेरणा देता है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जतरा टाना भगत के विचार और योगदान झारखंड की सामाजिक चेतना से जुड़े महत्वपूर्ण अध्याय हैं। उनके संघर्ष और विचार आने वाली पीढ़ियों को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सुधार के मूल्यों की प्रेरणा देते रहेंगे।
जतरा टाना भगत की जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव चिचरी में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें टाना भगत और आदिवासी समाज के लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई।

