पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव में 4 में से 3 सीटों पर मिली करारी शिकस्त के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने हार की वजहों की पड़ताल शुरू कर दी है। पटना स्थित प्रदेश पार्टी कार्यालय में दोपहर 2 बजे एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव में हुई चूक, संगठन की कमजोरियों और एनडीए के सहयोगी दलों के साथ तालमेल की कमी पर खुलकर मंथन करना है।
हार के कारणों पर शीर्ष नेतृत्व का मंथन
विधान परिषद चुनाव के परिणामों ने जेडीयू नेतृत्व को चौंकाया है। पार्टी केवल पटना स्नातक सीट ही बचा सकी, जहां नीरज कुमार ने राजद के दिलीप पटेल को 4,655 वोटों से हराया। बाकी तीनों सीटों पर पार्टी को मात खानी पड़ी:
- सारण शिक्षक सीट: जेडीयू के आनंद पुष्कर को निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने 1,815 वोटों से हराया।
- तिरहुत स्नातक सीट: जेडीयू के अभिषेक झा को निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने 9,147 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया।
- दरभंगा शिक्षक सीट: जेडीयू के घनश्याम राय को जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने 3,226 वोटों से शिकस्त दी।
- इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार और संबंधित जिलों के जिलाध्यक्ष मौजूद हैं।
एनडीए सहयोगियों की भूमिका और अंदरूनी विवाद
चुनाव परिणाम आने के बाद जेडीयू के हारे हुए प्रत्याशियों ने खुले तौर पर गठबंधन धर्म और एनडीए के सहयोगियों, विशेषकर भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं:
- भाजपा पर आरोप: सारण सीट से हारे आनंद पुष्कर और तिरहुत सीट से हारे अभिषेक झा ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए आरोप लगाया कि भाजपा के सांसदों व विधायकों ने जमीन पर शिक्षकों और स्नातकों के बीच जाकर समर्थन मांगने की अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
- बागियों को समर्थन: जेडीयू उम्मीदवारों को हराने वाले निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी के चुनाव जीतने के बाद भाजपा से जुड़ने और समर्थन देने की खबरें आईं, जिससे जेडीयू नेताओं की नाराजगी और गहरी हो गई है।
ललन सिंह का किनारा और अनंत सिंह का निष्कासन
समीक्षा बैठक में पार्टी के कुछ बड़े चेहरों की भूमिका भी जांच के दायरे में है:
- ललन सिंह की दूरी: केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद ललन सिंह पटना स्नातक सीट पर पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने नहीं उतरे थे। बैठक में वरिष्ठ नेताओं की इस निष्क्रियता पर सवाल उठना तय है।
- अनंत सिंह प्रकरण: चुनाव के दौरान मोकामा विधायक अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच तीखा विवाद देखने को मिला। अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी काम करने के आरोप लगे, जिसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। जीत मिलने के बावजूद इस विवाद से पार्टी की साख पर पड़े असर की समीक्षा की जाएगी।
ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर बनेगी नई रणनीति
बैठक में सभी संबंधित जिलाध्यक्षों से बूथ स्तर की तैयारी, मतदाता संपर्क अभियान और स्थानीय समीकरणों की विस्तृत रिपोर्ट ली जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम रजक के अनुसार, जिलाध्यक्षों और उम्मीदवारों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर ही जेडीयू आगामी चुनाव और सांगठनिक बदलावों के लिए अपनी नई रणनीति तैयार करेगी।

