Jhabar Singh Kharra Kota riverfront scam: कोटा रिवरफ्रंट परियोजना में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजस्थान के नगरीय विकास एवं आवासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को कोटा के सर्किट हाउस में कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) और नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेने के बाद उन्होंने कहा कि रिवरफ्रंट पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस परियोजना में नुकसान के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अब उनसे वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

मीडिया से बातचीत में मंत्री खर्रा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कोटा में भ्रष्टाचार की गंगोत्री पिछले शासनकाल में बही थी। जब उनसे पूछा गया कि मौजूदा सरकार ने पिछले शासन के मुकाबले कितना विकास किया है, तो उन्होंने कहा कि 2018 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार का जितना विकास हुआ था, मौजूदा सरकार उसके मुकाबले 0 प्रतिशत पर है।

रिवरफ्रंट के नुकसान की भरपाई करेंगे ठेकेदार

रिवरफ्रंट परियोजना में कथित घोटाले की जांच और कार्रवाई को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई है। परियोजना में जितना नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संबंधित ठेकेदारों से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि एक काम में ही करीब 14 करोड़ रुपये के हिसाब की गणना की जा रही है। संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी कर वसूली के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि की वसूली नहीं होती है तो मामला पब्लिक डिमांड रिकवरी के तहत तैयार करके जिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

शिखर अग्रवाल दंपती पर भी साधा निशाना

मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शिखर अग्रवाल दंपती को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि जो गलत काम करेगा, उसे उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। लंबे समय तक किसी की गड़बड़ी छिपी नहीं रह सकती। उन्होंने बताया कि शिखर अग्रवाल दंपती से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच चल रही है। इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में मामला दर्ज है। आवश्यकता पड़ने पर मामले की गहन जांच कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

15 करोड़ के दो कचरा निस्तारण केंद्र तीन महीने में होंगे शुरू

कोटा में कचरा निस्तारण व्यवस्था को लेकर भी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान चार कचरा निस्तारण केंद्र बनाए गए थे, लेकिन इनमें से केवल दो ही चालू हो पाए। करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से बने दो केंद्र अब तक शुरू नहीं हुए हैं। मंत्री ने इन दोनों केंद्रों को अगले तीन महीने में चालू करने के निर्देश दिए। इनमें पहला केंद्र दाढ़ देवी रोड पर उम्मेदगंज के नजदीक और दूसरा स्टेशन रोड पर खेड़ली फाटक के पास जिंद बाबा के नजदीक स्थित है।

सरकारी जमीन से हटेंगे अतिक्रमण

मंत्री खर्रा ने शहरी क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अतिक्रमणों को चिह्नित कर सरकारी जमीन खाली कराई जाए। किसी भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं रहना चाहिए। अपने बेटे के निर्दलीय चुनाव लड़ने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है।

पंचायत चुनाव में भी भाजपा की जीत का दावा

पंचायती राज चुनाव को लेकर मंत्री खर्रा ने भाजपा की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में शहरी क्षेत्र की जनता ने भाजपा को प्रथम श्रेणी विशेष योग्यता के साथ पास किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज के चुनाव हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 34 महीनों में राजस्थान सरकार ने समाज के हर वर्ग को राहत देने का काम किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार के कामकाज के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनता भाजपा को समर्थन देगी। बैठक के दौरान विधायक संदीप शर्मा, KDA कमिश्नर बचनेश अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर ओपी मेहरा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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