झांसी मेडिकल कॉलेज की नई 500 बेड वाली इमारत में 100 बेड का इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर नवरात्रि तक शुरू करने की तैयारी है. शुरुआत 36 बेड से होगी और चरणबद्ध तरीके से क्षमता बढ़ाकर 100 बेड की जाएगी.

झांसी. महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में नई इमरजेंसी सेवा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है. शासन की ओर से 174 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कराई गई 500 बेड की सुपर स्पेशियलिटी और न्यू विंग बिल्डिंग में 100 बेड का आधुनिक इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है, जिसे आगामी नवरात्रि तक शुरू करने की योजना है.

निरीक्षण के बाद तेजी

इस परियोजना के काम में हाल ही में तेजी आई है. उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा झांसी के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण और समीक्षा दौरा किया था, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रशासन को समयबद्ध तरीके से नई इमरजेंसी शुरू करने के निर्देश दिए गए.

प्रभारी मंत्री के निर्देशों के बाद नई इमरजेंसी की शिफ्टिंग और संचालन से जुड़ी तैयारियां तेज की गई हैं. मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहौर के अनुसार, आगामी नवरात्रि पर्व तक नई इमरजेंसी को 500 बेड वाली इमारत में स्थानांतरित कर नियमित रूप से संचालित करने का लक्ष्य है.

मॉक ड्रिल से तैयारी

नई इमरजेंसी शुरू करने से पहले व्यापक मॉक ड्रिल भी आयोजित की जाएगी. इसमें मरीजों को इमरजेंसी तक लाने, स्ट्रेचर की आवाजाही, ऑक्सीजन आपूर्ति और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच समन्वय जैसी व्यवस्थाओं को परखा जाएगा, ताकि संचालन के दौरान किसी तरह की आकस्मिक परेशानी न हो.

नई इमरजेंसी को एक साथ पूरी क्षमता पर शुरू करने के बजाय तीन चरणों में संचालित किया जाएगा. पहले चरण में 36 बेड उपलब्ध होंगे, इसके करीब एक सप्ताह बाद दूसरे चरण में क्षमता बढ़ाकर 50 बेड की जाएगी और तीसरे चरण में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर 100 बेड की पूरी क्षमता के साथ संचालित होगा.

विभागों को बेड आवंटित

मरीजों की भर्ती व्यवस्था के लिए पैरा-मॉनिटर वाले आधुनिक बेड, विशेष गद्दे और अन्य जरूरी आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की खरीद पूरी कर ली गई है. नई बहुमंजिला इमारत में विभिन्न प्रमुख विभागों के वार्ड के लिए बेड का आवंटन भी किया जा चुका है.

योजना के तहत मेडिसिन विभाग को 108 बेड, ईएनटी विभाग को 50 बेड, कैंसर रोग विभाग को 20 बेड और नेत्र रोग विभाग को 50 बेड दिए गए हैं. इनमें नेत्र रोग विभाग को नई इमारत में पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है.

इसके साथ ही पुरानी इमारत में मेडिसिन विभाग के 100 से अधिक बेड पहले की तरह चलते रहेंगे. नई इमरजेंसी और अन्य विभागों की व्यवस्थाएं पूरी तरह शुरू होने के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र से आने वाले मरीजों को बेहतर और त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है.