रांची। झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग और कर्मचारी संघ के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने छठ पर्व तक आंदोलन टालने का निर्णय लिया है। वार्ता में सेवा सुरक्षा, वेतन भुगतान में पारदर्शिता और श्रम संबंधी सुविधाओं सहित कई मुद्दों पर सहमति बनी है। हालांकि, संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 18 नवंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
मनमानी बर्खास्तगी रोकने के लिए जांच की मांग
वार्ता के दौरान संघ ने कर्मचारियों की मनमानी बर्खास्तगी पर रोक लगाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संघ की मांग है कि कर्मचारियों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों की जांच राज्य एनएचएम टीम, संबंधित जिले के सिविल सर्जन और कर्मचारी संघ की सहभागिता से कराई जाए। इससे कर्मचारियों को बिना उचित जांच के नौकरी से हटाने जैसी कार्रवाई पर रोक लग सकेगी।
वेतन भुगतान के लिए एस्क्रो अकाउंट पर सहमति
कर्मचारियों के वेतन भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए एस्क्रो अकाउंट की व्यवस्था करने पर सहमति बनी है। संघ का कहना है कि इससे वेतन भुगतान की निगरानी बेहतर होगी और मनमाने तरीके से वेतन काटने की शिकायतों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा एंबुलेंस खराब रहने या किसी कर्मचारी को केस नहीं मिलने की स्थिति में उसके वेतन में कटौती नहीं करने पर भी सहमति बनी है। संघ ने समय पर वेतन भुगतान और श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी देने की मांग भी रखी।
EPF, ESIC, अवकाश और बीमा जैसी सुविधाओं पर चर्चा
वार्ता में कर्मचारियों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। इसमें कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC), अवकाश, जीवन बीमा और बोनस जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
संघ का कहना है कि एंबुलेंस सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन और नौकरी की सुरक्षा के साथ जरूरी श्रम सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
एंबुलेंस में लगेंगे बायोमीट्रिक उपकरण
कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एंबुलेंस में बायोमीट्रिक उपकरण लगाने का मुद्दा भी वार्ता में उठा। इसके साथ ही नई बहाली से पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की अनुमति लेना जरूरी करने पर सहमति बनी।
वर्तमान एंबुलेंस टेंडर में सुधार करने या उसे निरस्त कर नए सिरे से टेंडर जारी करने के विकल्प पर भी चर्चा की गई।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 18 नवंबर से हड़ताल
संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन स्थगित करने का फैसला वार्ता में बनी सहमति के आधार पर लिया गया है। यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो 18 नवंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि किसी कर्मचारी के खिलाफ कंपनी की ओर से अनुचित कार्रवाई किए जाने पर संघ 72 घंटे के भीतर राज्यव्यापी हड़ताल का निर्णय ले सकता है।
वार्ता में ये पदाधिकारी रहे शामिल
स्वास्थ्य सचिव के साथ हुई बैठक में झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष मुकेश कुमार, निर्भर कुमार और भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी जय प्रकाश कौशिक शामिल हुए।
फिलहाल वार्ता के बाद आंदोलन टल गया है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर आगे होने वाली कार्रवाई से तय होगा कि राज्य में 108 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकल पाता है या नहीं।

