मानसून सत्र के चौथे दिन JPSC-JSSC मुद्दे पर जोरदार नारेबाजी, विधानसभा के बाहर भी विपक्ष का प्रदर्शन

रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का मंगलवार को चौथा दिन हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आसन के सामने पहुंच गए। दोनों ओर से जमकर नारेबाजी हुई। हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।

विधानसभा के बाहर भी विपक्षी विधायकों ने प्रदर्शन किया और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सोमवार को विपक्ष की गैरमौजूदगी में पारित हुआ अनुपूरक बजट

सोमवार को विपक्ष की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही चली थी। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया।

अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार की योजनाओं और राज्य की आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े सदन में रखे। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि योजना शुरू होने के बाद राज्य की औसत विकास दर करीब 7.02 प्रतिशत रही है।

विपक्ष की गैरमौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष ने जताई थी नाराजगी

सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सदन से अनुपस्थित रहने वाले विधायकों पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि सवाल पूछकर सदन में उपस्थित नहीं रहना संसदीय व्यवस्था की अच्छी परंपरा नहीं है। उन्होंने विधायकों से सदन की कार्यवाही के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की थी।

विधायकों के लिए जमीन के मुद्दे पर सरकार के जवाब से मंत्री असंतुष्ट

सोमवार को ध्यानाकर्षण के दौरान विधायकों के आवास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठा। सरकार की ओर से दिए गए जवाब पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह खुद सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।

इसके बाद मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि विधायकों के गृह निर्माण के लिए एक साथ एक स्थान पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नगड़ी, नामकुम, रातू और ओरमांझी में अंचल कार्यालय की ओर से जमीन चिन्हित की गई है। इसे गृह निर्माण के लिए बनी सहकारिता समिति के समक्ष रखा गया है। समिति की अनुमति के बाद जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।