लखनऊ. योगी सरकार महिलाओं और बेटियों के लिए ‘सारथी दीदी’ योजना का खाका तैयार कर रही है. प्रस्तावित योजना में महिला सुरक्षा के साथ महिला रोजगार और ग्रामीण कनेक्टिविटी को भी जोड़ा गया है. ‘भारत टैक्सी’ मॉडल के तहत शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मार्ट मोबिलिटी नेटवर्क विकसित करने की योजना है.
‘सारथी दीदी’ के तहत महिलाओं को महिला चालकों के जरिए सुरक्षित परिवहन का विकल्प उपलब्ध कराने की तैयारी है. योजना के तहत संचालित वाहनों में आपातकालीन एसओएस बटन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं. इसके लिए 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है. आपात स्थिति में एसओएस बटन के जरिए सहायता तंत्र को सक्रिय कर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय किया जा सकेगा.
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योजना का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना भी है. इसके तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का प्रशिक्षण देने की योजना है. इसके जरिए महिलाएं केवल सुरक्षित परिवहन की लाभार्थी ही नहीं, बल्कि चालक और उद्यमी के रूप में भी परिवहन सेवा का हिस्सा बन सकेंगी.
गांवों तक पहुंचेगा भारत टैक्सी मॉडल
योगी सरकार इस परिवहन मॉडल को ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार देने की तैयारी कर रही है. इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को भी नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है. इससे ग्रामीण इलाकों में डिजिटल माध्यम से राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं को बढ़ावा देने की योजना है. इस व्यवस्था के जरिए गांवों में स्थानीय स्तर पर परिवहन सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार करने का लक्ष्य है. ‘सारथी दीदी’ योजना के माध्यम से महिला सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, रोजगार और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है.



