Bihar News: चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट के नए नामों की घोषणा की गई। इसके साथ ही दोनों पार्टियों को अलग-अलग चुनाव चिह्न भी दिया गया है, जिसे लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। बता दें कि चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी की पार्टी ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है।

भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, संविधान, लोकलाज और लोकतांत्रिक मूल्यों को तार-तार करते हुए बीजेपी ने संवैधानिक संस्थाओं के अटूट सहयोग एवं समर्थन से सर्वप्रथम जनमत का चीरहरण करते हुए विपक्षी दलों के विधायक-सांसद तोड़े, फिर मुख्यमंत्री सहित सरकारें भी चुराई।

उन्होंने कहा कि, इनकी लोकतांत्रिक चोरी और डकैती की भूख इतनी बढ़ चुकी है कि अब विपक्षी पार्टियों का नाम, चुनाव चिह्न और बैंक खातों को भी लूट रहे हैं। बीजेपी के मार्गदर्शन तथा चुनाव आयोग के निर्देशन में शिवसेना, NCP, LJP के बाद TMC के साथ भी वही किया गया। लोकतंत्र के रक्षक ही अब भक्षक की भूमिका में है।

ममता ने कहा- लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन

वहीं, चुनाव आयोग द्वारा पार्टी को नया नाम और चुनाव चिन्ह मिलने पर ममता बनर्जी ने कहा कि, हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का एक काला दिन है। ममता ने कहा कि, देश में आज जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और एक राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए की गई पूरी तरह से पक्षपाती बदले की कार्रवाई है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, उन्होंने पहले ही कह दिया था कि न नाम रखने दूंगा और न निशान रहने दूंगा. कौन हैं ये लोग? आज पावर में हैं, कल नहीं रहेंगे।

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