रांची। MMDR संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड सरकार विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है। पहले 5 और 6 अक्टूबर को विशेष सत्र प्रस्तावित था, लेकिन कैबिनेट की बैठक स्थगित होने के कारण इसकी तारीख तय नहीं हो सकी। अब 7 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में विशेष सत्र की नई तारीख पर फैसला लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि विशेष सत्र में MMDR संशोधन के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

MMDR के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव होगा पारित

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार MMDR संशोधन विधेयक का विरोध करती है। इसी के मद्देनजर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक नहीं होने के कारण पहले प्रस्तावित तिथियों पर सत्र आयोजित नहीं हो सका। अब 7 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में नई तारीख तय की जाएगी।

केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

मंत्री के मुताबिक विशेष सत्र के दौरान MMDR संशोधन के खिलाफ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। इसके बाद इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार का तर्क है कि राज्य के हितों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर विधानसभा में स्पष्ट रुख दर्ज कराना जरूरी है।

‘सेस वसूली राज्य का अधिकार’

राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में सेस वसूली राज्य का अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट भी यह अधिकार दे चुका है। उन्होंने कहा कि खनन के कारण राज्य के लोगों को विस्थापन और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उनसे जुड़े राजस्व पर राज्य का अधिकार होना चाहिए।

कैबिनेट बैठक क्यों हुई थी स्थगित?

25 सितंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में विशेष सत्र से संबंधित प्रस्ताव रखा जाना था। इसी बीच मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के दुर्घटना में निधन के बाद राज्य सरकार ने कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी थी। इसके चलते विशेष सत्र का प्रस्ताव कैबिनेट विभाग में ही लंबित रह गया। अब 7 अक्टूबर की बैठक में इस पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।