रांची। झारखंड भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक रविवार को कांके के सुकुरहुट्टू स्थित बैंक्वेट हॉल में संपन्न हुई। बैठक के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘अबुआ सरकार से ठगुआ सरकार तक’ के स्लोगन के साथ राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल रहने के आरोप लगाए।
भाजपा कार्यसमिति ने राजनीतिक प्रस्ताव-2 को सर्वसम्मति से पारित करते हुए हेमंत सरकार की कथित नाकामियों के खिलाफ राज्यव्यापी जनजागरण और लोकतांत्रिक संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना
राजनीतिक प्रस्ताव को पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और जमुआ विधायक डॉ. मंजू कुमारी ने अनुमोदित किया।
बाबूलाल मरांडी ने अपने संबोधन में सरकार पर आदिवासी हितों की अनदेखी, भ्रष्टाचार, कुशासन, बेरोजगारी और विकास कार्यों में कथित ठहराव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं को लेकर जनता के बीच जाना होगा।
‘जल, जंगल, जमीन’ के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो लंबे समय से जल, जंगल और जमीन की बात करते रहे हैं, लेकिन आदिवासी महापुरुषों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों ने बिरसा मुंडा समेत आदिवासी नायकों को सम्मान देने का काम किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा के सम्मान में रांची एयरपोर्ट का नामकरण भी किया गया।
आदिवासी जमीन और बदलती डेमोग्राफी का मुद्दा उठा
भाजपा नेता ने झारखंड में आदिवासियों की जमीन से जुड़े मामलों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी जमीन की सुरक्षा का मुद्दा भाजपा जोरदार तरीके से उठाएगी।
मरांडी ने राज्य के कुछ हिस्सों में बदलती जनसांख्यिकी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस के लिए यह वोट बैंक का विषय हो सकता है, जबकि भाजपा इसे राज्य के भविष्य से जुड़ा मुद्दा मानती है।
पंचायत चुनाव को लेकर सरकार पर हमला
बाबूलाल मरांडी ने पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव टालने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि ट्रिपल टेस्ट और पिछड़ा वर्ग को उचित भागीदारी सुनिश्चित किए बिना पंचायत चुनाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
चंपई सोरेन बोले- ‘सरकार का उद्देश्य सिर्फ लूट और भ्रष्टाचार’
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन करते हुए हेमंत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लूट और अराजकता का माहौल है और सरकार की योजनाओं में भ्रष्टाचार हो रहा है।
चंपई सोरेन ने दावा किया कि पेंशन, अबुआ आवास और राशन कार्ड जैसी योजनाओं को लेकर लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने अंचल कार्यालयों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए उन्हें ‘लूट का अड्डा’ बताया।
मधु कोड़ा ने सरकार पर लगाया ‘लूटतंत्र’ का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार ने लोकतंत्र को ‘लूटतंत्र’ में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज भी मौजूदा सरकार में परेशान है।
भाजपा नेताओं ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया और सरकार पर रोजगार तथा भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े किए।
राजनीतिक प्रस्ताव में इन मुद्दों पर सरकार को घेरा
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के प्रस्ताव में सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। इनमें प्रमुख रूप से—
चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप
बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य का मुद्दा
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता
बिगड़ती कानून-व्यवस्था
महिला सुरक्षा को लेकर सवाल
घुसपैठ और बदलती जनसांख्यिकी
खनिज संपदाओं के कथित दुरुपयोग का आरोप
आदिवासी जमीन और अधिकारों का मुद्दा
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति
पलायन और मानव तस्करी
निवेश और रोजगार सृजन में कथित विफलता
भाजपा ने कहा कि गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, महिलाएं, किसान और युवा सरकार की कथित वादाखिलाफी से परेशान हैं।
5 लाख नौकरी और बेरोजगारी भत्ते का मुद्दा उठाया
कार्यसमिति ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए। भाजपा ने हर साल 5 लाख नौकरी, बेरोजगारी भत्ता, हर घर में सरकारी नौकरी, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण, किसानों को 3,200 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य और महिलाओं को सम्मान राशि जैसे मुद्दे उठाए।
पार्टी ने छात्रवृत्ति, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र और विस्थापितों के पुनर्वास से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए।
आदित्य साहू का ऐलान- गांव-गांव चलेगा आंदोलन
प्रदेश कार्यसमिति के बाद प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा राज्य में सरकार की कथित वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी 595 मंडलों में सरकार की नीतियों और कथित विफलताओं के खिलाफ कार्यक्रम चलाए जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर जनता से संवाद करेंगे।
आदित्य साहू ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा और युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों तथा पिछड़े वर्ग के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा संघर्ष करेगी।
‘बिना ट्रिपल टेस्ट पंचायत चुनाव स्वीकार नहीं’
आदित्य साहू ने दोहराया कि पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी किए बिना पंचायत चुनाव नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़े समाज के अधिकारों से समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी हेमंत सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
भाजपा में गुटबाजी के सवाल पर आदित्य साहू का जवाब
प्रदेश भाजपा में गुटबाजी के सवाल पर आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में करीब 95 प्रतिशत उपस्थिति रही।
उन्होंने सांसद निशिकांत दुबे की गैरमौजूदगी पर कहा कि अपरिहार्य कारणों से वह बैठक में शामिल नहीं हो सके और इसकी सूचना पहले ही दे दी गई थी।
2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित झारखंड का संकल्प
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित झारखंड की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। बैठक में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ को भी सामूहिक रूप से सुना।
भाजपा ने कहा कि राज्य के युवाओं, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज को बुलंद करते हुए पार्टी सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष को और तेज करेगी।

