रांची। झारखंड में कांग्रेस 10 अक्टूबर को सभी जिलों में ‘काला दिवस’ मनाएगी। भारतीय लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के साथ चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने की मांग को लेकर पार्टी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को अपने राष्ट्रव्यापी संघर्ष का हिस्सा बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने दिए निर्देश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल के निर्देश पर राज्यभर में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें जिला कांग्रेस कमेटियों के नेतृत्व में प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी, प्रखंड एवं मंडल अध्यक्ष, अग्रणी संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।इसके अलावा जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी की अपील की गई है।
सभी जिलाध्यक्षों को जिम्मेदारी
प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों को अपने-अपने जिला मुख्यालयों में काला दिवस कार्यक्रम गंभीरता और सक्रियता के साथ आयोजित करने का निर्देश दिया है। पार्टी ने अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि विरोध प्रदर्शन व्यापक स्तर पर हो सके।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का उठेगा मुद्दा
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र, संविधान और देश की चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता एवं अखंडता की रक्षा करना प्रत्येक लोकतांत्रिक नागरिक की जिम्मेदारी है। पार्टी के मुताबिक, काला दिवस के जरिए कार्यकर्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे।
झारखंड कांग्रेस ने सभी जिला इकाइयों से कार्यक्रम को प्रभावी बनाने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।

