रांची। झारखंड में चिकित्सकों के आंदोलन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई वार्ता में डॉक्टरों की अधिकांश प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद चिकित्सा संगठनों ने फिलहाल हड़ताल पर नहीं जाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को नेपाल हाउस में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), झारखंड हेल्थ सर्विस एसोसिएशन (झासा) समेत विभिन्न चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई।

चिकित्सक संगठनों के मुताबिक, कुछ मांगों पर आंशिक सहमति बनी है, जबकि ज्यादातर मांगों पर विभाग ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। डॉ. अजीत कुमार और डॉ. अभिषेक रामाधीन ने बताया कि हड़ताल स्थगित करने की औपचारिक घोषणा शनिवार को ऑनलाइन बैठक के बाद की जाएगी। शेष मांगों पर छठ के बाद दोबारा चर्चा होगी।

DACP पर सहमति, मांगों के क्रियान्वयन के लिए बनेगी समिति

बैठक में डॉक्टरों की समयबद्ध वेतन उन्नयन व्यवस्था यानी डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) लागू करने के मुद्दे पर सबसे अधिक चर्चा हुई। इस मांग को कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में शामिल करने पर सहमति बनी है। हालांकि, इसे लागू करने की प्रक्रिया अभी बाकी है।

चिकित्सकों की मांगों पर आगे की कार्रवाई और निगरानी के लिए राज्यस्तरीय समन्वय समिति गठित की जाएगी। वित्त विभाग के साथ बातचीत कर लंबित मामलों की अड़चनें दूर करने पर भी सहमति बनी है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि वार्ता में सहमति बनने का अर्थ सभी मांगों का तत्काल लागू होना नहीं है। कई प्रस्तावों पर विभागीय प्रक्रिया और कैबिनेट की मंजूरी अभी आवश्यक होगी।

पंजीकरण कानून में संशोधन का प्रस्ताव दो माह में कैबिनेट जाएगा

चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से जुड़े कानून में संशोधन के प्रस्ताव को दो महीने के भीतर कैबिनेट में भेजने पर सहमति बनी है। इसके अलावा अस्पतालों के पंजीकरण और प्रमाणन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने पर भी चर्चा हुई।

ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 30 बेड और शहरी क्षेत्रों में 40 बेड वाले अस्पतालों को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट के दायरे में रखने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है। वहीं, समयबद्ध पदोन्नति के लिए केंद्र और बिहार के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। दंत चिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों को पदोन्नति का लाभ देने के मुद्दे पर भी सहमति बनी है।

डॉक्टरों की सुरक्षा और इंटर्न-रेजिडेंट के भुगतान पर भी चर्चा

बैठक में चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा डीएसपी स्तर के नोडल पदाधिकारी की व्यवस्था करने की मांग पर भी सहमति बनी। इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान करने पर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया।आयुष्मान भारत योजना की टू-टियर व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन इस मुद्दे पर अंतिम सहमति स्पष्ट नहीं है।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा और संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला बैठक में शामिल हुए। वहीं, चिकित्सा संगठनों की ओर से IMA के पैट्रन डॉ. अजय कुमार सिंह, सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. योगेश गंभीर, झासा सचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह, अध्यक्ष डॉ. विमलेश कुमार सिंह, एचबीआई सचिव डॉ. शंभु प्रसाद सिंह, राज्य समन्वयक डॉ. अभिषेक रामाधीन, डॉ. अजीत, डॉ. कृष्ण मुरारी, डॉ. स्टीफन खेस, डॉ. विकास, डॉ. राजेश, डॉ. उषा सिंह और डॉ. रंजू सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फिलहाल वार्ता के बाद हड़ताल टलने के संकेत हैं। हालांकि, मांगों को लागू करने के लिए आगे की विभागीय कार्रवाई और छठ के बाद होने वाली बैठक अहम होगी।