रांची। झारखंड के जंगलों में रोमांच और वन्यजीवों को करीब से देखने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 1 अक्टूबर से राज्य में जंगल सफारी का नया सीजन शुरू हो जाएगा। मौसम साफ रहने और कच्चे मिट्टी वाले सफारी ट्रैक की मरम्मत समय पर पूरी होने के कारण इस बार सफारी निर्धारित समय पर शुरू की जा रही है। पर्यटकों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
PTR और दलमा में पहले शुरू होगी सफारी
पिछले वर्ष पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) और दलमा में सफारी अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से शुरू हुई थी। इस बार मौसम अनुकूल रहने के साथ सफारी रूट की तैयारियां भी समय पर पूरी कर ली गई हैं। वन विभाग ने पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बैटरी आधारित नए वाहनों की व्यवस्था की है। इन वाहनों के जरिए पर्यटक जंगल की खूबसूरती और वन्यजीवों को करीब से देख सकेंगे।
मुख्य वन संरक्षक, वन्य प्राणी एसआर नटेश ने बताया कि मानसून ब्रेक के दौरान वन विभाग की ओर से जंगलों में वन्यजीवों से संबंधित आंकड़े जुटाए जाते हैं। इन आंकड़ों की जानकारी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक केंद्रीय वन्यजीव प्रबंधन संस्थान को उपलब्ध कराई जाएगी। दिसंबर में केंद्र सरकार की ओर से संबंधित आंकड़े जारी किए जाते हैं।
लातेहार में टाइगर सफारी की तैयारी तेज
झारखंड सरकार ने लातेहार जिले में टाइगर सफारी विकसित करने की घोषणा की है। इसके लिए वन विभाग की उपलब्ध जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। योजना के मुताबिक 2028 से पहले टाइगर सफारी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने के लिए नवंबर में केंद्रीय वन्यजीव संस्थान की टीम के पहुंचने की योजना है। इसके अलावा गिरिडीह और दुमका में चिड़ियाघर विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। दोनों परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।
सफारी से आगे जंगल पर्यटन का विस्तार
वन विभाग की तैयारी केवल मौजूदा सफारी शुरू करने तक सीमित नहीं है। टाइगर सफारी और नए चिड़ियाघरों की योजनाओं के जरिए झारखंड में जंगल और वन्यजीव पर्यटन को आने वाले वर्षों में विस्तार देने पर भी काम किया जा रहा है।


