रांची। झारखंड में खनिज संसाधनों के दोहन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वर्षों पहले नीलाम की गई दो सोना, एक लौह अयस्क और दो ग्रेफाइट खदानों का लीज आवंटन रद्द कर दिया गया है। इन खदानों में निर्धारित समय के भीतर उत्पादन शुरू नहीं हो सका था। सरकार की ओर से अब इन खदानों को दोबारा नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन खदानों की पहली नीलामी इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित MSTC के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। अब इसी प्लेटफॉर्म पर लीज आवंटन रद्द किए जाने से संबंधित अधिसूचना भी जारी की गई है। खान विभाग के संयुक्त सचिव जियाउल अंसारी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने से नहीं शुरू हो सका खनन

सरकार के फैसले के पीछे प्रमुख वजह निर्धारित अवधि में उत्पादन शुरू नहीं होना बताई गई है। संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि देरी उनकी ओर से नहीं हुई, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं, विभिन्न NOC और फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं।कंपनियों ने सरकार के फैसले को माइनिंग ट्रिब्यूनल में चुनौती देने की बात कही है।

2017 में नीलाम हुई थी परासी गोल्ड माइंस

तमाड़ की 69.240 हेक्टेयर परासी गोल्ड माइंस की नीलामी 1 नवंबर 2017 को हुई थी। इसे रुंगटा माइंस लिमिटेड ने हासिल किया था। कंपनी को 2 जनवरी 2021 तक उत्पादन शुरू करना था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी खनन शुरू नहीं हो सका।

कंपनी की ओर से इसका कारण फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलना बताया गया। लंबे समय तक उत्पादन शुरू नहीं होने के बाद राज्य सरकार ने आवंटन रद्द कर दिया।

पहाड़ीदिह गोल्ड ब्लॉक भी नहीं हो सका चालू

पश्चिमी सिंहभूम जिले के पहाड़ीदिह गोल्ड ब्लॉक की नीलामी 26 अक्टूबर 2016 को हुई थी। करीब 272.651 हेक्टेयर क्षेत्र वाले इस ब्लॉक को मैथन इस्पात लिमिटेड ने हासिल किया था। निर्धारित अवधि में खदान का संचालन शुरू नहीं हो पाया।इस मामले में भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस को परियोजना के अटकने की प्रमुख वजह बताया गया है।

सारंडा क्षेत्र में है भनगांव आयरन ओर ब्लॉक

पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड स्थित भनगांव आयरन ओर ब्लॉक सारंडा वन प्रभाग क्षेत्र में आता है। वर्ष 2018 में राज्य सरकार की ई-नीलामी के जरिए यह ब्लॉक साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को आवंटित हुआ था। कंपनी जेएसडब्ल्यू ग्रुप से जुड़ी खनन कंपनी है।

बताया गया है कि इस ब्लॉक के लिए भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अन्य जरूरी NOC नहीं मिल पाने के कारण खनन गतिविधियां शुरू नहीं हो सकीं।

इन पांच खदानों का लीज आवंटन हुआ रद्द
खदान कंपनी नीलामी की तारीख
0 पहाड़ीदिह गोल्ड ब्लॉक, पश्चिमी सिंहभूम मैथन इस्पात लिमिटेड 26.10.2016
0 परासी गोल्ड एंड एसोसिएटेड मिनरल्स, तमाड़ रुंगटा माइंस लिमिटेड 01.11.2017
0 भनगांव आयरन ओर ब्लॉक, पश्चिमी सिंहभूम साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड 28.06.2018
0 डुलसुलमा ग्रेफाइट ब्लॉक, पलामू टीम जियो रिसोर्सेज प्रा. लि. 01.03.2019
0 लेसलीगंज ग्रेफाइट ब्लॉक, पलामू टीम जियो रिसोर्सेज प्रा. लि. 01.08.2018

अब फिर होगी खदानों की नीलामी

राज्य सरकार ने इन पांचों खदानों का आवंटन रद्द करने के बाद इन्हें दोबारा नीलाम करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकार का निर्देश है कि इन खनिज ब्लॉकों की नए सिरे से नीलामी की जाए, ताकि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके और खनिज संसाधनों का दोहन शुरू हो सके।