Donald Trump 100% Tariff: रूस से तेल (Russian oil) खरीदने को लेकर भारत और अमेरिका के रिश्ते एक बार फिर से तल्ख हो सकते हैं। रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका ने 100 फीसदी टैरिफ लगा सकता है। भारत पर 100% टैरिफ (100% tariff on India) लगाने वाले कानून पर आज US हाउस में वोटिंग होगी। अंदेशा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिल पर मुहर लगा सकते हैं। इससे रूस के तेल और गैस खरीदार देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा। भारत भी उन देशों में शामिल है जिन पर इसका असर पड़ेगा। कई सांसदों ने प्रतिबंध लगाने वाले देशों में सीधे तौर पर भारत का नाम लिखने की मांग की है। हालांकि भारत पर टैरिफ लगना अभी तय नहीं है।

इधर भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाले कानून पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारती विदेश मंत्रालय यानी एमईए (MEA) ने साफ कहा कि वॉशिंगटन चाहे जो कर ले, भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा। अमेरिका के सामने भारत नहीं झुकेगा।

भारत ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि अमेरिका भले ही टैरिफ लगा ले, भारत दबाव में नहीं आएगा और रूस से तेल की खरीद जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों से जुड़े फैसले अपने 140 करोड़ नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर करता आया है। वो आगे भी इसी के मुताबिक काम करेगा। अमेरिका में इस बिल को लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान बिल का नाम दिया गया है। जबकि भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन यह साफ है कि भारत सरकार इस बारे में अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करेगी और रूस से तेल की खरीद जारी रखेगी।

बता दें कि रूस पर आर्थिक प्रतिबंध को और कड़ा करते हुए अ मेरिका ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने वाला कानून लाया है। इस बिल को ट्रंप के करीबी और उनेक नेता लिंडसे ओ. ग्राहम ने लाया था। उनकी मृत्यु के बाद इस बिल का नाम लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट कर दिया गया है। अमेरिकी सीनेट इसे 7 अगस्त को 86-11 वोट से पास कर चुकी है। अब इसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स से पास होना बाकी है। इसके बाद ही इसे राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। इसमें रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले 5 देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का प्रावधान है, जिसमें सीधे तौर पर भारत-चीन शामिल हैं।

भारत का नाम सीधे जोड़ने की मांग

सीनेट से पास बिल में रूस के तेल और गैस के सबसे बड़े खरीदारों का नाम सीधे नहीं दिया गया था। इसमें वॉल्यूम के आधार पर रूस के पांच सबसे बड़े तेल और गैस खरीदारों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। वहीं हाउस में डेमोक्रेट सांसद स्टेनी होयर ने एक संशोधन पेश किया, जिसमें भारत और चीन समेत 10 देशों के नाम सीधे शामिल करने का प्रस्ताव था। इन देशों में भारत, चीन के अलावा तुर्किये, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक गणराज्य, यूएई, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान भी शामिल हैं।

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