पलामू। पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर बुधवार को पलामू पुलिस लाइन में शहीद सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और एसपी कपिल चौधरी ने शहीद जवानों को नमन किया। इस दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के साथ उनकी समस्याएं भी सुनी गईं।

झारखंड गठन के बाद पलामू में 25 जवान शहीद

पुलिस संस्मरण दिवस पर दी गई जानकारी के अनुसार, झारखंड गठन के बाद पलामू क्षेत्र में नक्सली हमलों के दौरान अब तक 25 जवान शहीद हो चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025-26 में देशभर में 154 सुरक्षा कर्मियों के शहीद होने की जानकारी दी गई। इसी अवधि में झारखंड में एक सब-इंस्पेक्टर समेत तीन जवानों ने अपनी जान गंवाई।

DIG बोले- शहीद परिवारों के साथ खड़ा है पुलिस परिवार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी किशोर कौशल ने कहा कि झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लंबी लड़ाई चली है, जिसमें कई जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस एक परिवार की तरह है और शहीद जवानों के परिजनों के सुख-दुख में पूरा पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है।

डीआईजी ने यह भी कहा कि शहीद परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने शहीद जवानों के योगदान को याद करते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

परिजनों की समस्याएं सुनीं, समाधान के निर्देश

कार्यक्रम के दौरान शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर परिजनों ने डीआईजी और एसपी के समक्ष अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान के लिए संबंधित स्तर पर निर्देश जारी किए।

कार्यक्रम में एसडीपीओ चिरंजीवी मंडल, राजेश कुमार यादव, सार्जेंट मेजर सुरेश राम, टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार समेत कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

क्यों मनाया जाता है पुलिस संस्मरण दिवस?

हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस संस्मरण दिवस मनाया जाता है। इसकी पृष्ठभूमि वर्ष 1959 की उस घटना से जुड़ी है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीन की ओर से हुए हमले में एक डीएसपी सहित 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। ये जवान सीमा क्षेत्र में गश्त पर तैनात थे।

पुलिस संस्मरण दिवस पर देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों के बलिदान को याद किया जाता है। यह दिन उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश की सुरक्षा के प्रति समर्पण को नमन करने का अवसर है।