रांची। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत अनुदान राशि दिलाने के नाम पर साइबर ठगी की आशंका को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने लाभुकों के लिए अलर्ट जारी किया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने चयनित लाभुकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं और फोन पर अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग या गोपनीय जानकारी साझा न करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और प्रलोभनों से सतर्क रहें।
2026-27 के चयनित लाभुकों की सूची को मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के चयनित लाभुकों की सूची अनुमोदित कर दी गई है। इस संबंध में उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रखंडों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार लाभुकों की सूची पर चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद सूची को मंजूरी प्रदान की गई।
DBT के जरिए जल्द मिलेगी अनुदान राशि
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चयनित लाभुकों को नियमानुसार जल्द से जल्द प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही योजना के तहत निर्धारित परिसंपत्तियों का वितरण भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन और निगरानी में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
अनुदान के नाम पर फोन आए तो रहें सावधान
जिला प्रशासन ने लाभुकों को सलाह दी है कि अनुदान राशि दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय विवरण न दें। योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए संबंधित सरकारी कार्यालय से संपर्क करें। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।

