रामगढ़। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी दिवंगत माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का निर्वहन कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को उन्होंने पैतृक गांव नेमरा में विधि-विधान के साथ चूल्हे की पूजा-अर्चना की और अग्नि प्रज्वलित कर भोजन बनाने की शुरुआत की। यह अनुष्ठान श्राद्धकर्म की तैयारियों और पारिवारिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पैतृक गांव नेमरा में निभा रहे धार्मिक परंपराएं

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, माता के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव नेमरा में रहकर श्राद्धकर्म से संबंधित धार्मिक और पारंपरिक रस्में निभा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को चूल्हे की पूजा और अग्नि प्रज्वलित करने का अनुष्ठान संपन्न हुआ।

श्राद्धकर्म में पारंपरिक विधि-विधान का महत्व

श्राद्धकर्म के दौरान परिवार की परंपराओं के अनुसार विभिन्न धार्मिक रस्में निभाई जाती हैं। चूल्हे की पूजा कर अग्नि प्रज्वलित करने और भोजन बनाने की शुरुआत करना भी इसी पारंपरिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी माता की स्मृति में आयोजित श्राद्धकर्म के दौरान इन रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं। वहीं, परिवार में शोक का माहौल है और पैतृक गांव नेमरा में श्राद्धकर्म से जुड़ी गतिविधियां जारी हैं।