रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पुलिसकर्मियों की लंबित मांगों और प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की अपील की है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जिस तरह उन्होंने अपने पारिवारिक जीवन में पुत्र और पिता के रूप में आदर्श प्रस्तुत किए हैं, उसी तरह राज्य के पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों के अभिभावक की भूमिका निभाते हुए उनकी जायज समस्याओं का समाधान करें।
एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन का उल्लेख करते हुए पुलिसकर्मियों की परेशानियों की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया है।
‘पुलिसकर्मियों के अभिभावक बनकर निभाएं दायित्व’
राकेश कुमार पांडेय ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पारिवारिक जीवन में निभाई गई भूमिकाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने माता-पिता के प्रति समर्पण और बच्चों को संस्कृति व परंपराओं के अनुरूप संस्कारित करने के माध्यम से प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक जीवन में एक कर्तव्यनिष्ठ जीवनसाथी की भूमिका निभाई है।
एसोसिएशन ने इसी नैतिक और मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर मुख्यमंत्री से राज्य के पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों की समस्याओं तथा लंबित जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया है।
DGP की मंजूरी के बाद भी फाइलें अटकाने का आरोप
पुलिस एसोसिएशन ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों से जुड़ी कई जायज फाइलें डीजीपी की स्पष्ट स्वीकृति के बावजूद निचले स्तर पर रोकी जा रही हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, संबंधित पदाधिकारी इन फाइलों को यह कहकर आगे नहीं बढ़ा रहे हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से मंजूरी नहीं मिली है।
एसोसिएशन का कहना है कि छोटे कर्मचारियों की पहुंच सीधे मुख्यमंत्री तक नहीं होती। ऐसे में वे अपनी समस्याएं शीर्ष स्तर तक नहीं पहुंचा पाते। संगठन ने आरोप लगाया है कि सीएमओ के नाम पर भ्रम फैलाकर फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भत्ते, पदोन्नति और पदस्थापन से जुड़ी हैं मांगें
एसोसिएशन के अनुसार, लंबित फाइलों में पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों के भत्ते, पदोन्नति, पदस्थापन समेत अन्य प्रशासनिक विषय शामिल हैं। संगठन का कहना है कि इन मामलों में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों को परेशानी होती है और उनके जायज काम प्रभावित होते हैं।
पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मुख्यमंत्री से मांग
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। संगठन का कहना है कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे स्वीकृत फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और कर्मचारियों की जायज मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई हो सके।
अब देखना होगा कि एसोसिएशन की इस अपील और प्रशासनिक स्तर पर फाइलें रोके जाने के आरोपों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

