रांची। झारखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक) डॉक्टरों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने उनके मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की है। संशोधित दरों के अनुसार, प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को अब 70 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों को 75 हजार रुपये और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों को 80 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इससे डॉक्टरों को हर महीने 15,500 से 17,000 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस फैसले को डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया है। इसके अलावा, रांची के कांके स्थित रिनपास में कार्यरत डीएनबी डॉक्टरों के मानदेय पुनरीक्षण के प्रस्ताव पर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है।
राज्य सरकार के संकल्प से बढ़ा मानदेय
राज्य सरकार के संकल्प संख्या 244(09), दिनांक 27 अप्रैल 2026 के तहत जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक) डॉक्टरों के मानदेय की संशोधित दरें निर्धारित की गई हैं। इस निर्णय का उद्देश्य डॉक्टरों को बेहतर आर्थिक प्रोत्साहन देना और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में उनकी सेवाओं को मजबूत करना है।
सरकार का मानना है कि डॉक्टरों को उचित मानदेय और बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने से उनका मनोबल बढ़ेगा और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
किस वर्ष के डॉक्टरों को कितना फायदा?
मानदेय में बढ़ोतरी के बाद जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को हर महीने पहले की तुलना में अधिक राशि मिलेगी।
| डॉक्टरों का वर्ष | पुराना मानदेय | नया मानदेय | मासिक बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| प्रथम वर्ष | ₹54,500 | ₹70,000 | ₹15,500 |
| द्वितीय वर्ष | ₹58,500 | ₹75,000 | ₹16,500 |
| तृतीय वर्ष | ₹63,000 | ₹80,000 | ₹17,000 |
इस फैसले से प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को हर महीने 15,500 रुपये, द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों को 16,500 रुपये और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों को 17,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे जूनियर डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
रिनपास के डीएनबी डॉक्टरों के मानदेय पर भी पहल
रांची के कांके स्थित रिनपास में कार्यरत डीएनबी प्रशिक्षणार्थियों के मानदेय पुनरीक्षण को लेकर भी विभागीय स्तर पर कदम उठाया गया है। प्रशिक्षणार्थियों के लिए निर्धारित न्यूनतम मासिक मानदेय की दरें इस प्रकार हैं।
ब्रॉड स्पेशियलिटी डीएनबी प्रशिक्षणार्थी:
- प्रथम वर्ष: ₹43,000 प्रतिमाह
- द्वितीय वर्ष: ₹45,000 प्रतिमाह
- तृतीय वर्ष: ₹47,000 प्रतिमाह
पोस्ट-डिप्लोमा डीएनबी प्रशिक्षणार्थी:
- प्रथम वर्ष: ₹45,000 प्रतिमाह
- द्वितीय वर्ष: ₹47,000 प्रतिमाह
विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, इन दरों के अनुरूप रिनपास में मानदेय पुनरीक्षण के प्रस्ताव पर कार्रवाई की गई है। हालांकि, प्रस्ताव पर कार्रवाई होने का अर्थ यह नहीं है कि संशोधित दरों से भुगतान भी शुरू हो गया है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी बोले- डॉक्टरों के सम्मान में कमी नहीं होगी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मानदेय बढ़ाना नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र में सुधार करना है। उन्होंने कहा, “पैसे की चिंता नहीं, हमें काम चाहिए, हमें प्रयास चाहिए और हमें स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करना है। डॉक्टर हमारे अंग हैं। उनके मान-सम्मान में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी।”
मंत्री के अनुसार, डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं। इसलिए उन्हें उचित सम्मान, प्रोत्साहन और बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराना जरूरी है। सरकार अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने, विशेषज्ञ डॉक्टरों को प्रोत्साहित करने और मरीजों को बेहतर उपचार देने की दिशा में काम कर रही है।
रिनपास में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
रिनपास जैसे संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का उपचार कराने बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर संस्थागत व्यवस्था महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य जांच, उपचार, आपातकालीन सेवाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करना है।
अपर मुख्य सचिव ने फाइल स्वीकृत होने की दी जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर संबंधित फाइल को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार जूनियर और सीनियर डॉक्टरों का मनोबल बढ़ाने तथा उन्हें बेहतर कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार को उम्मीद है कि मानदेय में बढ़ोतरी और कार्य-परिस्थितियों में सुधार से डॉक्टरों को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

