रांची। झारखंड में खुले में कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के संचालन को नियंत्रित करने के लिए नया नियम और रेगुलेशन प्रकाशित किया गया है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को निष्पादित कर दिया।

मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के लिए नए नियम

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर विकास विभाग ने राज्य में संचालित मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को नियंत्रित करने के लिए नया रेगुलेशन जारी किया है। इसके तहत सभी मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को Food Safety and Standards Regulation, 2011 तथा Prevention of Cruelty to Animals (Slaughter House) Rules, 2001 के प्रावधानों का पालन करना होगा।

नगर निकाय से NOC लेना होगा जरूरी

नए रेगुलेशन के तहत प्रत्येक मीट दुकान और स्लाटर हाउस के लिए संबंधित नगर निगम या नगर निकाय से NOC लेना अनिवार्य होगा। NOC जारी करने से पहले संबंधित नगर निकाय की ओर से दुकान या स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया जाएगा।निरीक्षण के दौरान निर्धारित मानकों का पालन पाए जाने के बाद ही NOC जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

खुले में मीट बिक्री के खिलाफ दायर हुई थी PIL

राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में दुकानों के बाहर खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री किए जाने के खिलाफ प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

याचिका में खुले में मीट की बिक्री पर रोक लगाने और संबंधित दुकानों के संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई थी। सरकार की ओर से नए रेगुलेशन की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने मामले का निष्पादन कर दिया।