देवघर/रांची। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘बाबा ज्ञानेश्वरानंद’ की उपाधि देने की बात कहते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर तंज कसा। उनकी यह टिप्पणी चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच सामने आई है।
एक्स पोस्ट में साधु-संत की उपाधि देकर कसा तंज
निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘बाबा ज्ञानेश्वरानंद’ की उपाधि देने का मन बनाया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर 13.5 करोड़ लोगों की आत्मा में प्रवेश कर यह जान लेते हैं कि कौन भाजपा का वास्तविक मतदाता है और कौन नहीं।उन्होंने अपनी पोस्ट में मृत लोगों की आत्मा का जिक्र करते हुए भी कटाक्ष किया और अंत में लिखा, “जय बाबा ज्ञानेश्वरानंद महाराज।”
SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटने पर विवाद
निशिकांत दुबे की यह टिप्पणी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आई है। इस प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। विपक्ष की ओर से नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके आधार को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर राजनीतिक बयानबाजी
मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। निशिकांत दुबे की पोस्ट को इसी विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, पोस्ट में किए गए दावे और हटाए गए नामों से जुड़े आंकड़ों की पुष्टि संबंधित राज्य, पुनरीक्षण चरण और चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर की जानी चाहिए।

