घाटशिला। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत सामने आई है। मुसाबनी प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र स्थित बोगासुतली टोला में सड़क नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को ग्रामीणों ने करीब दो किलोमीटर तक खटिया पर ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से ममता वाहन के जरिए महिला को केंदाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में एएनएम ने सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने बेटे को जन्म दिया।

पहाड़ पर बसे टोले में नहीं पहुंचता चार पहिया वाहन

बोगासुतली टोला में करीब नौ आदिवासी परिवार रहते हैं। पहाड़ी इलाके में बसे इस टोले तक सड़क नहीं होने के कारण चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाता है। प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद ओड़िया सिंकू की पत्नी को अस्पताल पहुंचाने की चुनौती सामने थी।

मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण परिजनों को तत्काल मदद लेने में भी परेशानी हुई। इसके बाद परिजन पहाड़ पर चढ़कर मुखिया पोरेमा बानरा से फोन पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी।

सुबह 6.30 बजे खटिया पर लेकर निकले ग्रामीण

मुखिया ने एएनएम पूर्वी महाली और सहिया दामिनी टोपनो को सूचना देकर ममता वाहन की व्यवस्था कराई। इसके बाद चिंता सिंकू, बिंदु सिंकू, लखीसर भूमिज समेत अन्य ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को खटिया पर लादा और सुबह करीब 6.30 बजे टोले से निकल पड़े।

ग्रामीणों ने करीब दो किलोमीटर का दुर्गम पहाड़ी रास्ता तय किया और गुमड़ीबेड़ा सड़क तक पहुंचे। वहां ममता वाहन पहले से मौजूद था। महिला को तत्काल केंदाडीह सीएचसी ले जाया गया।

सीएचसी में महिला ने बेटे को दिया जन्म

केंदाडीह सीएचसी में महिला को भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की देखरेख में एएनएम ने उसका प्रसव कराया। महिला ने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति सुरक्षित बताई गई।

वर्षों से सड़क की मांग, अब तक नहीं शुरू हुआ निर्माण

मुखिया पोरेमा बानरा के अनुसार, बोगासुतली टोला तक सड़क निर्माण की मांग ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को दलमाबेड़ा में तत्कालीन उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के जनता दरबार में भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग रखी थी।हाल में सड़क निर्माण के लिए इंजीनियरों की ओर से मापी भी की गई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

आपात स्थिति में बढ़ जाती है परेशानी

मानकी मुंडा संघ की ओर से भी मंत्री दीपक बिरुआ से मुलाकात कर बोगासुतली सहित पंचायत के अन्य गांवों और टोलों में सड़क निर्माण की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में किसी मरीज या गर्भवती को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ताजा घटना ने एक बार फिर दुर्गम ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत को सामने ला दिया है।