गुमला/सिमडेगा। झारखंड में ओबीसी समाज की आरक्षण और जनगणना में अलग कॉलम की मांग को लेकर मंगलवार को गुमला, सिमडेगा, खूंटी, रांची और लोहरदगा में बंद का आह्वान किया गया। गुमला और सिमडेगा में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और कई जगह चक्का जाम कर दिया। इससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक दिन पहले मशाल जुलूस और पुतला दहन
केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने आंदोलन के तहत सोमवार को जिला मुख्यालय में मशाल जुलूस निकाला और पुतला दहन किया था। बड़ी संख्या में लोगों ने मशाल लेकर प्रदर्शन किया और ओबीसी समाज के अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
समिति का कहना है कि राज्य के सात जिलों में रोस्टर के तहत आरक्षण शून्य किए जाने और जनगणना में पिछड़ा वर्ग का कॉलम नहीं रखने के विरोध में आंदोलन किया जा रहा है। समिति ने ओबीसी को नौकरी में आरक्षण, राजनीति में भागीदारी और पेसा कानून में अधिकार समेत विभिन्न मांगें उठाई हैं।
जनगणना में OBC कॉलम शामिल करने की मांग
समिति की प्रमुख मांगों में वर्तमान जनगणना में OBC का अलग कॉलम शामिल करना और पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक अधिकार दिलाना शामिल है। समिति के अनुसार, इन मांगों को लेकर पांच जिलों में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है।
आंदोलन के कार्यक्रम के तहत 5 अक्टूबर को मशाल जुलूस और पुतला दहन, 6 अक्टूबर को बंद और चक्का जाम तथा 7 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में सांकेतिक धरना देने का कार्यक्रम है। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

सिमडेगा में NH-143 पर तीन घंटे चक्का जाम
सिमडेगा में बंद का असर जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक देखने को मिला। कई दुकानें बंद रहीं, जबकि बस और छोटे यात्री वाहनों के पहिए थमने से यात्रियों को परेशानी हुई।
अहले सुबह केंद्रीय पिछड़ा जाति संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष रामजी यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग NH-143 पर उतर आए और सड़क जाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया, जिसके बाद सड़क जाम हटाया गया और मार्ग पर यातायात बहाल हुआ।
‘मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और व्यापक’
समिति के जिला अध्यक्ष रामजी यादव ने कहा कि ओबीसी समाज अपने अधिकारों को लेकर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की बात भी कही गई है।समिति ने आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखते हुए आम लोगों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है।

