पलामू। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाना चाहती है और ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे देश में अशांति पैदा हो। मरांडी ने एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस के आंदोलन की तारीख पर सवाल उठाते हुए 1984 के सिख नरसंहार का भी जिक्र किया।

बाबूलाल मरांडी बुधवार को पलामू प्रमंडल के दौरे पर मेदिनीनगर पहुंचे थे। यहां आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और राहुल गांधी के कार्यक्रमों को लेकर निशाना साधा।

‘सनातनियों के त्योहारों के समय ही क्यों होते हैं आंदोलन?’

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आंदोलन ऐसे समय पर आयोजित किए जाते हैं, जब सनातन धर्म के बड़े पर्व और त्योहार होते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिसमस से नए साल तक या ईद जैसे मौकों पर इस तरह के कार्यक्रम देखने को नहीं मिलते, जबकि हिंदू त्योहारों के दौरान आंदोलन किए जाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के दौरान आंदोलन कर लोगों की खुशियों में खलल डालने और देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।

एक नवंबर की तारीख पर उठाए सवाल

भाजपा नेता ने कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन की तारीख पर सवाल उठाते हुए कहा कि 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी और उसके बाद एक नवंबर से देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा शुरू हुई थी।

मरांडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, ये आरोप भाजपा नेता ने लगाए हैं; कांग्रेस का पक्ष इस बयान के संदर्भ में सामने नहीं आया है।

‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाएगी भाजपा

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की राजनीति के खिलाफ भाजपा ने देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि चार नवंबर को पलामू में इस अभियान के तहत पदयात्रा निकाली जाएगी।

उन्होंने प्रशांत भूषण और नेहा बोरा का नाम लेते हुए भी कांग्रेस से जुड़े होने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा देश में अराजकता के खिलाफ जनजागरण करेगी।

विधानसभा सत्र में एमएमडीआर का मुद्दा उठाएगी भाजपा

झारखंड विधानसभा के 25 और 26 नवंबर को प्रस्तावित सत्र को लेकर भी बाबूलाल मरांडी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय सत्र में पहले दिन शोकसभा में समय बीत सकता है, जबकि दूसरे दिन चर्चा के लिए सीमित समय मिलेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा एमएमडीआर से जुड़े मुद्दे पर पहले भी अपनी बात रखती रही है और विधानसभा सत्र में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह, गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, मेयर अरुणा शंकर और जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई नेता मौजूद रहे।