चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा और बिसरा स्टेशन के बीच शुक्रवार तड़के रेलवे ट्रैक के पास 11 जंगली हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन रोक दिया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और स्पेशल ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं।
1:20 बजे मिली हाथियों के झुंड की सूचना
रेल प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 1:20 बजे सूचना मिली कि बंडामुंडा ए कैबिन से बिसरा स्टेशन के बीच अप, डाउन और थर्ड रेल लाइन के आसपास 11 जंगली हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है।
हाथियों की संख्या और रेलवे ट्रैक से उनकी नजदीकी को देखते हुए ट्रेनों का परिचालन 1:25 बजे तत्काल रोक दिया गया। करीब डेढ़ घंटे तक परिचालन बाधित रहा। हाथियों के रेल लाइन से सुरक्षित दूरी पर चले जाने और ट्रैक क्लियर होने के बाद 2:57 बजे परिचालन दोबारा शुरू किया गया।
टक्कर रोकने के लिए रोकी गईं ट्रेनें
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी के अनुसार, हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्र में ट्रेनों का परिचालन जारी रखना जोखिम भरा हो सकता था। हाथियों और ट्रेन के बीच संभावित टक्कर को रोकने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ट्रेनों को रोका गया।
ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही ट्रेनों को आगे रवाना किया गया।
ये ट्रेनें हुईं प्रभावित
हाथियों के कारण परिचालन बाधित होने से कई लंबी दूरी की ट्रेनें प्रभावित हुईं। इनमें शामिल हैं—
12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस — बंडामुंडा में करीब 2 घंटे रोकी गई।
12151 मुंबई LTT-शालीमार समरसता सुपरफास्ट एक्सप्रेस — बंडामुंडा में करीब 1 घंटे 15 मिनट रोकी गई।
18190 एर्नाकुलम-टाटानगर एक्सप्रेस — राउरकेला में करीब 1 घंटे 10 मिनट रुकी।
13352 आलप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस — राउरकेला में करीब 30 मिनट रोकी गई।
12809 मुंबई CSMT-हावड़ा मेल — पानपोस और राउरकेला के बीच करीब 30 मिनट रुकी।
03254 चर्लपल्ली-पटना स्पेशल — पानपोस और राउरकेला के बीच करीब 30 मिनट रुकी।
12810 हावड़ा-मुंबई CSMT मेल — बिसरा और राउरकेला के बीच करीब 30 मिनट रोकी गई।
12102 शालीमार-LTT मुंबई ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस — भालुलता स्टेशन पर करीब 30 मिनट रोकी गई।
रेल प्रशासन की ओर से हाथियों की गतिविधि को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी रखी गई और ट्रैक क्लियर होने के बाद ही रेल परिचालन सामान्य किया गया।

