रांची। झारखंड की राजधानी रांची में मौसम बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 28 से 30 अक्टूबर तक लगातार बारिश होने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग की ओर से रांची के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। संभावित जलजमाव, निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति और कमजोर मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और जरूरी तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है।
निचले इलाकों में जलजमाव का खतरा, प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश के कारण रांची के निचले शहरी इलाकों और सड़कों पर पानी जमा हो सकता है। कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, नदियों और बड़े नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
बारिश का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ने की संभावना है। खेतों में पानी जमा होने से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इन संभावित परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
रांची डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री ने आपदा प्रबंधन, राजस्व, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत और जल संसाधन समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को 28 से 30 अक्टूबर तक स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है।
अधिकारियों को निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों, नदियों और बड़े नालों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। नगर निकायों को सड़कों, नालियों और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
कमजोर मकानों और झुग्गी-झोपड़ियों वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था रखने को भी कहा गया है।
किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह
संभावित बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को किसानों तक जरूरी सलाह पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। खेतों में जलजमाव की स्थिति बनने पर खड़ी फसलों को बचाने के लिए उचित कदम उठाने पर जोर दिया गया है।जिला प्रशासन के अनुसार, मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालात के अनुसार आगे जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
वज्रपात और तेज हवाओं से रहें सावधान
प्रशासन ने आम लोगों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान में रहने से बचें और किसी सुरक्षित, पक्के भवन में शरण लें।
तेज हवाओं के दौरान पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स के आसपास खड़े न हों। वाहन भी पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े करने से बचें। नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
आंधी-तूफान में बिजली के उपकरणों का रखें ध्यान
मौसम खराब होने पर बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें। बिजली के उतार-चढ़ाव और शॉर्ट सर्किट की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से मुख्य बिजली स्विच बंद करें।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और पानी भरी सड़कों पर वाहन चलाने से बचने की अपील की है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
शिकायत या सहायता के लिए यहां करें संपर्क
किसी भी आपात स्थिति में नागरिक स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं।
अबुआ साथी हेल्पलाइन (व्हाट्सऐप): 9430328080
जिला प्रशासन ने कहा है कि मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।

