रांची: चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर पड़ने के बावजूद झारखंड में मौसम का असर बना हुआ है। 30 अक्टूबर की सुबह से रांची समेत राज्य के कई जिलों में कुहासे की चादर छाई हुई है। पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। हल्की ठंडी हवाओं के साथ अब राज्य में ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

रांची का तापमान 7 डिग्री से ज्यादा गिरा

अर्नब के प्रभाव से लगातार दो दिनों तक हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर तापमान पर देखने को मिला। राजधानी रांची के तापमान में सात डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। 28 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में 5.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की कमी आई थी। इसके अगले दिन 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस गिर गया।

गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में राज्य के लगभग सभी जिलों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

मेदिनीनगर में भी गिरा पारा, कई जिलों में तापमान लुढ़का

गुरुवार को मेदिनीनगर के अधिकतम तापमान में 4.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री और न्यूनतम 20.3 डिग्री रहा।

इसी तरह जमशेदपुर के अधिकतम तापमान में 3 डिग्री, बोकारो में 2.6 डिग्री और चाईबासा में 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

गुरुवार को रांची में 3 मिमी, जमशेदपुर में 21 मिमी, मेदिनीनगर में 8 मिमी, बोकारो में 12 मिमी, सिमडेगा में 25 मिमी, देवघर में 4 मिमी और खूंटी में 11 मिमी बारिश हुई।

30 अक्टूबर को इन जिलों में येलो अलर्ट

चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर होने के बावजूद शुक्रवार को गढ़वा, पलामू, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में गर्जन और वज्रपात के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।वहीं, 3 नवंबर तक राज्य के दक्षिणी हिस्सों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

4 नवंबर से पूरी तरह साफ होगा मौसम, रात में बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर से राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, 3 नवंबर तक दक्षिणी जिलों में बादलों का असर बना रह सकता है। 4 नवंबर से पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना है। इसके साथ ही रात के तापमान में और गिरावट आएगी और ठंड का असर बढ़ेगा।

इस बीच अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसका असर झारखंड के खासकर दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इसके कारण 3 नवंबर तक कई जिलों में बादल छाए रहने, कुहासा और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

तेज बारिश से पकी धान की फसल को नुकसान

लगातार बारिश का असर किसानों पर भी पड़ा है। बीएयू के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार के अनुसार लोहरदगा, चाईबासा, मांडर और सिमडेगा में धान की फसल पक चुकी है। तेज बारिश के कारण कई जगह धान की बालियां खेतों में झुक गई हैं, जिससे फसल को नुकसान पहुंचा है।

हालांकि, जिन जिलों में धान की फसल अभी पकना शुरू ही हुई है, वहां इस बारिश से फायदा हुआ है। वैज्ञानिक ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और सब्जियों के पौधों को सहारा देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि धान की पकने वाली फसल में कटाई से करीब दो सप्ताह पहले सिंचाई बंद कर देनी चाहिए। मौसम अनुकूल होने पर किसान सरसों की बुआई भी कर सकते हैं।