संजय कुमार, जींद। जननायक जनता पार्टी (JJP) के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने जींद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने, सरपंचों पर दबाव बनाने, युवाओं को रोजगार और सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) की व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप लगाए। दुष्यंत चौटाला ने ये बातें जींद में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।

‘विकास पूछो तो दूसरे मुद्दों पर शुरू हो जाती है राजनीति’

दुष्यंत चौटाला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार है, लेकिन जब सरकार से विकास कार्यों और उपलब्धियों को लेकर सवाल किया जाता है तो चर्चा को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ दिया जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के सवाल पर हिंदू-मुस्लिम, जाति-पाति और भारत-पाकिस्तान जैसे मुद्दों को सामने लाया जाता है। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल और उसके दावों पर भी सवाल उठाए।

गांवों में दीये जलाने के कार्यक्रम पर भी सवाल

दुष्यंत चौटाला ने गांवों में आयोजित किए जा रहे दीप जलाने के कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंचों पर गांवों में 50 दीये जलाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और इनके लिए तेल का खर्च भी आम लोगों को उठाना पड़ रहा है।

दरअसल, जींद में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा संकल्प अभियान से जुड़ा है। हरियाणा सरकार के अनुसार यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान गांव और बूथ स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।

HKRN को लेकर सरकार की नीति पर सवाल

पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी HKRN को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने के उद्देश्य से कर्मचारियों को HKRN के माध्यम से रोजगार देने की व्यवस्था शुरू की गई थी।

दुष्यंत चौटाला का आरोप है कि मौजूदा सरकार ने पोर्टल और पूरी व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नौकरी की पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है और सरकार को इस संबंध में स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

रोजगार, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया। उन्होंने कहा कि करीब 30 वर्ष की उम्र के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और रोजगार के साथ स्वास्थ्य तथा अपराध की स्थिति भी उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

उन्होंने हरियाणवी कलाकारों को कथित तौर पर मिल रही धमकी भरी कॉल का भी जिक्र किया। दुष्यंत ने कहा कि यदि महंगी गाड़ी रखने वाले लोगों से फिरौती मांगी जा रही है तो यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह ब्यूरोक्रेसी और दूसरे वर्गों के लोगों को भी धमकियां मिलने लगें तो प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

UPI शुल्क को लेकर भी सरकार को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दुष्यंत चौटाला ने डिजिटल पेमेंट और UPI से जुड़े शुल्क का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि डिजिटल लेनदेन पर शुल्क बढ़ता है तो इसका असर आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ सकता है।

हालांकि, UPI शुल्क से जुड़े आंकड़ों को प्रकाशित करते समय आधिकारिक नियमों से मिलान करना जरूरी है। प्रेसवार्ता में बताए गए आंकड़ों और लागू होने वाले वास्तविक शुल्क में अंतर हो सकता है।

25 सितंबर को देवीलाल जयंती पर कार्यक्रम

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि 25 सितंबर को चौधरी देवीलाल की जयंती के अवसर पर जेजेपी की ओर से प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद में अजय सिंह चौटाला द्वारा चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इससे एक दिन पहले 24 सितंबर को प्रदेशभर में स्थापित चौधरी देवीलाल की प्रतिमाओं की साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत का काम कराया जाएगा।

बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का दावा

जेजेपी के संगठन विस्तार को लेकर भी दुष्यंत चौटाला ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उचाना विधानसभा क्षेत्र से बूथ लेवल एजेंट (BLA) की प्रक्रिया शुरू की गई थी और अब प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी संगठन को मजबूत करने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में करीब 70 प्रतिशत BLA-2 तैयार किए जा चुके हैं। जींद विधानसभा क्षेत्र में भी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया जारी है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

दुष्यंत चौटाला ने भाजपा के साथ कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक रोजगार, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।