Business Desk – Jio IPO Last Day : देश के सबसे बड़े IPO में शामिल जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर खरीदने का आज यानी 23 अक्टूबर को आखिरी दिन है। सुबह 10 बजे तक IPO को 6 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।

कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 119 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाई जा चुकी थीं। संस्थागत निवेशकों का कोटा 13 गुना, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
जियो प्लेटफॉर्म्स इस IPO के जरिए कुल 30,213 करोड़ रुपए जुटा रही है। कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले ही एंकर निवेशकों से 8,110 करोड़ रुपए जुटा लिए थे। वहीं, ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम 258 रुपए तक पहुंचने की खबर है। इस आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग 1,377 रुपए पर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर लिस्टिंग की कीमत की गारंटी नहीं होती।
एंकर निवेशकों से पहले ही जुटाए 8,110 करोड़ रुपए
जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों को शेयर जारी करके 8,110 करोड़ रुपए जुटाए थे। एंकर निवेशकों में म्यूचुअल फंड, विदेशी संस्थागत निवेशक और बीमा कंपनियों जैसे बड़े निवेशक शामिल हो सकते हैं।
एंकर निवेशकों के लिए IPO में एक विशेष कोटा रखा जाता है। आम निवेशकों के लिए इश्यू खुलने से पहले इन निवेशकों को शेयर आवंटित किए जाते हैं। इसे कंपनी के IPO का एक तरह का शुरुआती परीक्षण भी माना जाता है, क्योंकि इससे बड़े निवेशकों की दिलचस्पी का पता चलता है।
एंकर निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग रखने के बाद आम जनता और अन्य पात्र निवेशकों के लिए करीब 22,103 करोड़ रुपए का इश्यू उपलब्ध है।
पहले दिन ही 3 गुना से ज्यादा भरा था IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को ही 3.02 गुना सब्सक्रिप्शन मिल गया था। उस दिन 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं।
दूसरे दिन भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। संस्थागत निवेशकों की ओर से भारी बोली लगाए जाने के कारण सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा आगे बढ़ा। 23 अक्टूबर को सुबह 10 बजे तक IPO 6 गुना से ज्यादा भर चुका था। इस दौरान संस्थागत निवेशकों का कोटा 13 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.76 गुना सब्सक्राइब हुआ।
IPO में निवेश के लिए कितने रुपए चाहिए?
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर रखा गया है। यानी निवेशक इसी दायरे में शेयर खरीदने के लिए बोली लगा सकते हैं।
दिए गए विवरण के मुताबिक, एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश 13,428 रुपए है। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है। अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपए के हिसाब से 168 शेयरों की कुल कीमत करीब 1.88 लाख रुपए बैठती है। वास्तविक आवेदन राशि और लॉट साइज की पुष्टि IPO के आधिकारिक दस्तावेजों से कर लें।
1,377 रुपए पर लिस्टिंग का अनुमान क्यों?
IPO के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने से पहले ग्रे मार्केट में उनका कारोबार अनौपचारिक रूप से होता है। इसे Grey Market Premium यानी GMP कहा जाता है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का GMP 258 रुपए प्रति शेयर बताया गया है।
अगर अपर प्राइस बैंड 1,119 रुपए में 258 रुपए का प्रीमियम जोड़ें, तो संभावित लिस्टिंग कीमत 1,377 रुपए निकलती है। यह केवल ग्रे मार्केट के आधार पर लगाया गया अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे कम या ज्यादा हो सकती है। GMP आधिकारिक एक्सचेंज का आंकड़ा नहीं है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है।
IPO से मिली रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
जियो प्लेटफॉर्म्स इस IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपनी प्रमुख सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रहने का अनुमान है। वहीं, पब्लिक शेयरहोल्डिंग 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी।
निवेश से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
IPO में ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलने का मतलब यह नहीं है कि शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफा होना तय है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, IPO का प्राइस बैंड, जोखिम से जुड़े खुलासे और निवेश की अवधि को समझना जरूरी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल बाजार की अनौपचारिक धारणा बताता है, यह भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है।

