Business Desk – Jio IPO Today : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का IPO आज यानी 21 अक्टूबर से खुल गया है। देश के इस सबसे बड़े IPO के जरिए कंपनी करीब 30,213 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है।

इसमें एक शेयर की कीमत 1,065 से 1,119 रुपए तय की गई है। निवेशक 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के आधार पर शेयर की लिस्टिंग पर करीब 22% तक रिटर्न मिलने का अनुमान है। हालांकि, यह अनौपचारिक अनुमान है, मुनाफे की गारंटी नहीं।

जियो IPO में एक शेयर की कीमत कितनी है?

जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर तय किया है। कंपनी इस इश्यू में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 10.30 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इस इश्यू के साथ जियो देश के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड बनाएगी। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया ने 27,858 करोड़ रुपए का IPO लाया था।

13,428 रुपए से कर सकते हैं निवेश

रिटेल निवेशकों को कम से कम 12 शेयर यानी एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपए के हिसाब से इसके लिए 13,428 रुपए लगाने होंगे। निवेशक अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए करीब 1.88 लाख रुपए का निवेश करना होगा।

GMP के हिसाब से 22.52% तक रिटर्न का अनुमान

ग्रे मार्केट में जियो के शेयर का प्रीमियम करीब 252 रुपए बताया गया है। इस हिसाब से 1,119 रुपए के ऊपरी प्राइस बैंड पर संभावित लिस्टिंग कीमत 1,371 रुपए बैठती है। यानी अनुमानित तौर पर प्रति शेयर 22.52% का फायदा हो सकता है।

हालांकि, ग्रे मार्केट का कारोबार अनौपचारिक होता है। GMP में लगातार बदलाव हो सकता है और वास्तविक लिस्टिंग कीमत इससे अलग भी हो सकती है। इसलिए इसे निश्चित मुनाफे का संकेत नहीं मानना चाहिए।

कर्मचारियों और रिलायंस शेयरहोल्डर्स को क्या फायदा?

IPO में कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपए तक के शेयर आरक्षित हैं। उन्हें हर शेयर पर 54 रुपए की छूट मिलेगी। वहीं, पात्र रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर्स के लिए 2,500 करोड़ रुपए तक का हिस्सा आरक्षित रखा गया है।

इसका लाभ उन पात्र व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) को मिल सकता है, जिनके पास 14 अक्टूबर को रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल होने की तारीख तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के सार्वजनिक इक्विटी शेयर थे। यह लाभ निर्धारित पात्रता और नियामकीय नियमों के अधीन है।

किस निवेशक के लिए कितना हिस्सा रिजर्व?

IPO में 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB), 15% गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) और 35% रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है।

IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल जियो की प्रमुख सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड का कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। इश्यू के बाद प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रह जाएगी, जबकि सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी।

एंकर निवेशकों से जुटाए 8,110 करोड़ रुपए

IPO से पहले कंपनी ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से करीब 8,110 करोड़ रुपए जुटाए। एंकर बुक में 30 गुना से अधिक बोलियां मिलने की जानकारी दी गई थी। इसमें वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधकों, सॉवरेन वेल्थ फंड, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने हिस्सा लिया। एंकर निवेशकों के लिए यह बोली लगाने की तारीख थी।

जियो के पास 53.3 करोड़ ग्राहक

30 जून 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल ग्राहक आधार 53.3 करोड़ था। इसमें 28.49 करोड़ 5G ग्राहक शामिल थे। कंपनी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता है। इसके कारोबार में मोबाइल नेटवर्क के साथ डिजिटल सेवाएं, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीक भी शामिल हैं। कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है।

IPO को कब मिली मंजूरी?

कंपनी ने 19 जून को ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया था। इसके बाद 28 अगस्त को बाजार नियामक सेबी से ऑब्जर्वेशन लेटर मिला। कंपनी ने 14 अक्टूबर को गुजरात के अहमदाबाद स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया था।

IPO और GMP क्या होते हैं?

जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम निवेशकों को जारी कर बाजार से पैसा जुटाती है, तो इसे IPO कहते हैं। वहीं, ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP अनौपचारिक बाजार में शेयर के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है। यह वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और जोखिमों को समझना जरूरी है।