Business Desk – Jio Platforms IPO Listing : मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में 1,358 रुपए पर लिस्ट हुए। IPO का इश्यू प्राइस 1,119 रुपए प्रति शेयर था। इस हिसाब से शेयर करीब 21.4% प्रीमियम पर बाजार में उतरा। IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग प्राइस के आधार पर प्रति शेयर 239 रुपए का अंतर मिला है।

एक लॉट पर कितना फायदा हुआ?

Jio Platforms IPO में एक लॉट में 12 शेयर थे। इश्यू प्राइस के हिसाब से एक लॉट के लिए 13,428 रुपए लगाने पड़ते थे। 1,358 रुपए के लिस्टिंग प्राइस पर इन 12 शेयरों की कीमत 16,296 रुपए हो गई।

इस तरह लिस्टिंग प्राइस के आधार पर एक लॉट की वैल्यू में 2,868 रुपए का इजाफा हुआ। यह केवल इश्यू प्राइस और लिस्टिंग प्राइस का अंतर है। ब्रोकरेज, टैक्स और अन्य शुल्क इसमें शामिल नहीं हैं। जिन निवेशकों को IPO में शेयर अलॉट नहीं हुए, उन्हें यह फायदा नहीं मिला।

Jio Platforms IPO को कितना सब्सक्रिप्शन मिला था?

Jio Platforms का IPO 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला था। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपए प्रति शेयर रखा था। बाद में इश्यू प्राइस 1,119 रुपए तय किया गया।

IPO को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। Qualified Institutional Buyers (QIB) की कैटेगरी 70.55 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि Non-Institutional Investors (NII) की कैटेगरी को 14 गुना और रिटेल निवेशकों की कैटेगरी को 2.72 गुना आवेदन मिले। करीब 30,213 करोड़ रुपए का यह IPO देश के सबसे बड़े सार्वजनिक इश्यू में शामिल है।

शेयर बाजार में लिस्टिंग क्यों अहम है?

Jio Platforms, Reliance Industries का टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार है। कंपनी की सेवाओं में मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। Reuters के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार मूल्य करीब 108.3 अरब डॉलर आंका गया। इस लिस्टिंग के साथ निवेशकों को कंपनी के कारोबार का अलग बाजार मूल्य देखने का मौका मिला है।

हालांकि, लिस्टिंग पर मिला प्रीमियम भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं है। बाजार में शेयर का भाव मांग, कंपनी के नतीजों, प्रतिस्पर्धा, निवेश योजनाओं और बाजार की स्थिति के हिसाब से बदल सकता है।

अब निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

लिस्टिंग के बाद निवेशकों को शेयर के मौजूदा भाव, कारोबार की मात्रा और कंपनी के वित्तीय नतीजों पर नजर रखनी चाहिए। सिर्फ लिस्टिंग गेन देखकर आगे के रिटर्न का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। निवेश का फैसला कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन, जोखिम और अपनी वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।