Jitendra Singh Press Conference: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

मंगलवार को एक निजी होटल में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश के भीतर विरोध-प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों का इस्तेमाल कर रही है, जबकि सीमा सुरक्षा से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।

अरुणाचल प्रदेश में चीन की गतिविधियों पर पारदर्शिता की मांग

जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना की गश्त के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्तों तक पहुंच गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से सीमा पर मौजूदा स्थिति की स्पष्ट जानकारी देश के सामने रखने की मांग की। हालांकि, चीन की ओर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ को लेकर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और दूसरे अर्धसैनिक बलों को तैनात करती है, लेकिन सीमा सुरक्षा से जुड़े सवालों पर पर्याप्त जवाब नहीं देती। उन्होंने कहा कि सरकार को सीमाओं की स्थिति के बारे में देश की जनता को भरोसे में लेना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी जितेंद्र सिंह ने निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनावों की निष्पक्षता को लेकर उठ रही चिंताओं पर आयोग को जवाब देना चाहिए। उन्होंने ईवीएम और वीवीपैट व्यवस्था पर सवाल उठाए और चुनाव प्रणाली में बदलाव की जरूरत बताई। जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी ने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची और मतदान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाए हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं से जुड़े मामलों की पड़ताल की है और जहां शिकायतें मिली हैं, वहां कार्रवाई की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवादों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस तथा विपक्षी दल इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।

अलवर, तिजारा और खैरथल में प्रशासनिक दबाव का आरोप

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों के दौरान प्रशासनिक दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने अलवर, तिजारा और खैरथल समेत कई क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोगों के यहां जांच एजेंसियों और सरकारी अधिकारियों को भेजने, दुकानों की जांच कराने तथा दूसरी प्रशासनिक कार्रवाइयों के जरिए दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई हैं। कांग्रेस नेता ने इन शिकायतों को चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर नजर रख रही है और यदि किसी अधिकारी ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

1 नवंबर की दिल्ली रैली में राजस्थान से बड़ी भागीदारी का दावा

प्रेस वार्ता में एआईसीसी पर्यवेक्षक हिम्मत सिंह पटेल ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन देशभर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली में राजस्थान से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। पटेल ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान गड़बड़ियां हुई हैं और लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को निर्वाचन आयोग के सामने उठा रही है, लेकिन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटने का दावा

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। जूली के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने राजस्थान से एक लाख लोगों को रैली में ले जाने का लक्ष्य दिया है और इससे अधिक लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। दीपावली के दौरान रैली आयोजित होने से व्यापारियों को नुकसान होने की बात को जूली ने भाजपा की ओर से फैलाया जा रहा भ्रम बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाला कानून बनाया गया।

जूली ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि चयन प्रक्रिया से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर केंद्रीय मंत्री को शामिल करने से नियुक्तियों में सरकार का प्रभाव बढ़ा है।

उन्होंने दावा किया कि देशभर में मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। उनके अनुसार, इनमें से तीन करोड़ नाम मृत व्यक्तियों या दोहरी प्रविष्टियों से जुड़े बताए जाते हैं, जबकि बाकी 10 करोड़ नामों को लेकर उन्होंने निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण मांगा।

युवाओं के विरोध-प्रदर्शन को समर्थन

जितेंद्र सिंह ने युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक आंदोलनों को जनता तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों की आवाज बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन संविधान तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों के साथ हैं। राजस्थान में चल रहे पंचायतीराज चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता उत्साह के साथ चुनाव में भाग ले रहे हैं। उन्होंने इन चुनावों को कांग्रेस के लिए जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर बताया और 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई।

पढ़ें ये खबरें