चंडीगढ़। हरियाणा में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में मामूली बढ़ोतरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बुधवार को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला उपायुक्तों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
जेजेपी ने गेहूं के एमएसपी में प्रति क्विंटल केवल 25 रुपये की बढ़ोतरी को किसानों के साथ अन्याय बताया। पार्टी का कहना है कि खेती की लागत और महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन समर्थन मूल्य में की गई मामूली वृद्धि से किसानों को पर्याप्त राहत नहीं मिलेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से गेहूं के समर्थन मूल्य पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई।
एमएसपी में कम से कम 150 रुपये बढ़ाने की मांग
जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा ने कहा कि गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का मतलब किसानों को केवल 25 पैसे प्रति किलो अतिरिक्त मिलना है। उनके मुताबिक, पिछले दस वर्षों में गेहूं के समर्थन मूल्य में सालाना औसतन 100 से 160 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी होती रही है, जबकि इस बार वृद्धि काफी कम है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब गेहूं उत्पादन के प्रमुख राज्य हैं। ऐसे में समर्थन मूल्य में कम बढ़ोतरी का असर यहां के किसानों की आमदनी पर पड़ेगा। जेजेपी ने केंद्र सरकार से गेहूं के एमएसपी में कम से कम 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा कि किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप व्यवस्था की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री को 25 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भेजकर जताया विरोध
एमएसपी में बढ़ोतरी के विरोध को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए जेजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 25-25 रुपये के बैंक ड्राफ्ट भेजे गए। पार्टी ने इसे गेहूं के समर्थन मूल्य में की गई मामूली वृद्धि के खिलाफ विरोध का तरीका बताया। जेजेपी का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का ऐसा मूल्य मिलना चाहिए, जिससे खेती की लागत निकालने के साथ परिवार की आर्थिक जरूरतें भी पूरी हो सकें।
SIR प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान जेजेपी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। बृज शर्मा ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के कारण देशभर में करीब 13 करोड़ और हरियाणा में 37 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने से लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए निर्धारित फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के नियमों का पालन पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान इन नियमों की अनदेखी हुई है। हालांकि, मतदाताओं के नाम काटे जाने से संबंधित इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
जेजेपी ने केंद्र सरकार से मांग की कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाए जाने की शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्टी ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
पार्टी का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना और हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। जेजेपी ने दोनों मुद्दों पर अपने वि

