सोनीपत में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में महज 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी के विरोध में जननायक जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया। जेजेपी कार्यकर्ता लघु सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने 25 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी प्रधानमंत्री के नाम भेजकर सरकार के फैसले पर विरोध जताया। जेजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडियों में किसानों की फसल की खरीद नहीं हो रही और किसान कई-कई दिनों से अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में मंडियों और जिला उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
सोनीपत के लघु सचिवालय में जननायक जनता पार्टी ने किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश स्तर पर सभी जिला मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, ताकि सरकार तक किसानों की समस्याएं पहुंचाई जा सकें। जेजेपी ने गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए इसे किसानों के साथ मजाक करार दिया। पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री के नाम 25 रुपये का बैंक ड्राफ्ट भी सौंपा गया। जेजेपी नेताओं ने कहा कि यह ड्राफ्ट सरकार की ओर से की गई मामूली बढ़ोतरी के विरोध का प्रतीक है।
जेजेपी नेताओं ने मंडियों में फसलों की खरीद में देरी का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि किसान पांच से दस दिन तक मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं। वहीं, बारिश और खराब मौसम के कारण खुले में पड़ी फसल को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रही है। जेजेपी नेताओं ने कहा कि किसान, छोटे दुकानदार, कर्मचारी और विद्यार्थी समेत विभिन्न वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने मंडियों में खरीद व्यवस्था दुरुस्त करने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जेजेपी नेताओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और युवाओं को सही दिशा देने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
जेजेपी नेताओं ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय किसानों को फसल का भुगतान समय पर मिलता था। हालांकि, ये पार्टी नेताओं के दावे हैं।
जेजेपी ने साफ किया कि फिलहाल पार्टी की ओर से ज्ञापन सौंपकर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जा रही हैं। यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं और एमएसपी में बढ़ोतरी की मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले समय में हरियाणा की मंडियों और जिला उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन और धरने दिए जाएंगे।
अब देखना होगा कि जेजेपी के विरोध और किसानों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

