बरेली में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया, जिसमें करीब 30 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया. नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया, वहीं जयंत चौधरी ने किसानों और मॉक पार्लियामेंट के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा.
बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली में मंगलवार को भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसका नेतृत्व किया. पदयात्रा से पहले आयोजित सभा में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. वहीं, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किसानों के मुद्दों और विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर सवाल उठाए.
भाजपा की इस पदयात्रा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए. आयोजकों की ओर से दावा किया गया कि इसमें जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों समेत करीब 30 हजार लोगों ने हिस्सा लिया.
नड्डा ने कांग्रेस को घेरा
पदयात्रा से पहले लोगों को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष चुनाव में हार के बाद अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ता है और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट चोरी का रिकॉर्ड बनाया है.
नड्डा ने कांग्रेस पर बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट बनवाकर चुनाव जीतने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब ऐसे लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं तो विपक्ष इसका विरोध कर रहा है. कांग्रेस की स्थिति पर तंज कसते हुए उन्होंने ’70 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ वाली कहावत का इस्तेमाल किया.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग के अध्यक्षों को राज्यपाल और दूसरे महत्वपूर्ण पद दिए जाते थे, लेकिन अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
राहुल गांधी पर साधा निशाना
जेपी नड्डा ने एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि एसआईआर का नाम लेकर राहुल गांधी ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है.
नड्डा ने कहा कि देश की व्यवस्था घुसपैठियों के हाथों में नहीं चल सकती. उनके मुताबिक, कांग्रेस को जनता लगातार नकार रही है और इस बार भी विपक्ष को चुनाव में जवाब मिलेगा. उन्होंने कहा कि लोगों को गुमराह करने वालों को करारा जवाब देना जरूरी है.
किसानों के मुद्दे पर बोले जयंत
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया. उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं उठाने का आरोप लगाया.
जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष को किसानों की जरूरतों और उनकी परेशानियों की सही जानकारी नहीं है. उन्होंने इथेनॉल का विरोध करने वाले विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने जैसे मुद्दों पर भी बात करनी चाहिए.
उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि जब वह विपक्ष में थे, तब एक बार उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य घोषित किया था. उसी दिन उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर इसकी जानकारी दी थी. उनके मुताबिक, अखिलेश यादव को उस समय गन्ने के मूल्य निर्धारण की जानकारी तक नहीं थी.
जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह किसानों के हितों की निगरानी करे और उनके मुद्दे सरकार के सामने उठाए.
गन्ना मूल्य पर सरकार का भरोसा
केंद्रीय मंत्री ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान एनडीए में शामिल होने के समय किसानों से किए गए वादे का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदेश में गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक दिलाने का भरोसा दिया था और सरकार ने इसे पूरा किया है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी किसानों को गन्ने का अच्छा मूल्य मिलेगा. जयंत चौधरी के मुताबिक, एनडीए के विधायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं. मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि गन्ने का मूल्य तय करते समय किसानों की चिंताओं और हितों को ध्यान में रखा जाएगा.
मॉक पार्लियामेंट पर तंज
जयंत चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने इसे दिखावा बताते हुए कहा कि आयोजन में लोकसभा जैसा माहौल तैयार करने के लिए कालीन, फर्नीचर और बैकड्रॉप लगाया गया था. इसमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को भी बैठाया गया था.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को इस तरह की गतिविधियां अपने बगीचे में ही करनी चाहिए. जयंत चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी संविधान और आरक्षण खत्म होने की बात करता है, तो कभी चुनाव में हार के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाता है. उन्होंने विपक्ष की तुलना ऐसे बच्चे से की, जो क्रिकेट में आउट होने के बाद भी अपनी हार स्वीकार करने को तैयार नहीं होता.

