उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का संचालन निजी कंपनी या कंसोर्टियम को 35 वर्षों की लीज पर देने की सहमति दी है. इस फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है.
सतीश सिंह, लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) के संचालन का जिम्मा निजी कंपनी या कंसोर्टियम को 35 वर्षों की लीज पर देने की सहमति दी गई. इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है.
सपा का ड्रीम प्रोजेक्ट
दरअसल, वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई समाजवादी पार्टी के लिए जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है. इसके निर्माण के बाद संचालन के पहले ही वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद से यह प्रोजेक्ट जस का तस रहा. कई बार आवाज भी उठी, पर सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं ली.
अखिलेश ने साधा निशाना
जेपीएनआईसी को निजी हाथों में दिए जाने को लेकर मंगलवार को सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार है या दुकानदार? अब उप्र की भाजपा सरकार ने लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय कैबिनेट में ले लिया है.
उन्होंने कहा कि अब तो बस सरकार को ही ठेके पर देना या बेचना बचा है. ‘कमीशन’ भ्रष्ट भाजपा की गाड़ी का तेल-पानी है और ‘निजीकरण’ उसका जुगाड़.
एलडीए ने तैयार किया प्रस्ताव
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) के संचालन के संबंध में तैयार प्रस्ताव के तहत इसके संचालन के लिए ओपन बिड के माध्यम से वृंदावन बॉटलर्स एंड रॉकवुड होटल्स के कंसोर्टियम का चयन किया गया है.
जेपीएनआईसी में वर्तमान में इंटीरियर, इलेक्ट्रिकल एवं फायर उपकरण सहित विभिन्न अवशेष कार्यों को पूरा कराने में 200 से 250 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है. अनुबंध के अनुसार चयनित कंसोर्टियम को अपने खर्च से 2 वर्ष के अंदर सभी अवशेष कार्य पूर्ण कराकर जेपीएनआईसी का संचालन शुरू करना होगा.
कंसोर्टियम को अनुबंध की शर्तों के तहत 25 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी प्राधिकरण में जमा करनी होगी. वहीं, स्वीकृति पत्र प्राप्त होने पर कंसोर्टियम द्वारा प्राधिकरण को 10 करोड़ 11 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा.
हर साल 6 करोड़ भुगतान
जेपीएनआईसी का संचालन शुरू होने के बाद कंसोर्टियम द्वारा एलडीए को प्रति वर्ष 6 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा. इस राशि में प्रत्येक वर्ष 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी और निर्धारित लीज अवधि पूरी होने तक यह सालाना धनराशि लगभग 35 करोड़ रुपये हो जाएगी.
निर्माण में 821 करोड़
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इसके निर्माण में लगभग 821 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसे एलडीए अगले 30 वर्षों में शासन को वापस करेगा. जेपीएनआईसी में निर्मित होटल, कन्वेंशन सेंटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग एवं स्पोर्ट्स फैसिलिटी का संचालन चयनित कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा.
वहीं, म्यूजियम ब्लॉक के संचालन का अधिकार लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास सुरक्षित रहेगा.


