रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) नियुक्ति परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार, 12 अक्टूबर को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष पेश की।
अदालत ने प्रार्थियों और राज्य सरकार को बहस से संबंधित शॉर्ट रिटेन नोट दाखिल करने की अनुमति दी है।
दोपहर 2:15 बजे शुरू हुई सुनवाई
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मामले की सुनवाई दोपहर 2:15 बजे शुरू हुई और करीब 3 बजे समाप्त हुई। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहित राय ने पक्ष रखा। वहीं, प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया।
राज्य सरकार ने अपनी बहस पूरी की। इसके बाद अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
तीन परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने को चुनौती
इन याचिकाओं में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने के लिए जारी अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है। मामला JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, CDPO नियुक्ति परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा से जुड़ा है।
प्रार्थियों ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए अदालत से राहत देने की मांग की है। हाईकोर्ट का फैसला इन परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
CDPO परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती
प्रार्थी सुभाष मुर्मू और अन्य की ओर से दायर याचिका में CDPO नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर सवाल उठाए गए हैं और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
सोमवार की सुनवाई के बाद अब इस मामले में अदालत के आदेश का इंतजार है।
JPSC 11वीं से 13वीं परीक्षा का मामला भी शामिल
प्रार्थी दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज और अन्य की ओर से JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने संबंधी अधिसूचना को चुनौती दी गई है।
इस याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई हुई। प्रार्थियों की ओर से सरकार के फैसले के खिलाफ दलीलें रखी गईं। अब हाईकोर्ट के फैसले से इस परीक्षा की आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा पर भी फैसला सुरक्षित
प्रार्थी सौरभ सिंह और अन्य ने फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है। इसे भी संबंधित मामलों के साथ सुनवाई के दौरान रखा गया।
राज्य सरकार की स्टेटस रिपोर्ट और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस मामले में भी फैसला सुरक्षित रख लिया।
रिट याचिकाओं को अपील के साथ टैग करने की मांग खारिज
उधर, इन रिट याचिकाओं को संबंधित अपील याचिकाओं के साथ टैग करने की मांग को लेकर दायर विशेष मेंशन को चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने खारिज कर दिया।
फिलहाल तीनों परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार है। अदालत ने सभी पक्षों को शॉर्ट रिटेन नोट दाखिल करने की अनुमति दी है, जबकि फैसले की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

