रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई करीब डेढ़ घंटे की वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। स्टेट गेस्ट हाउस में शाम 7:45 बजे शुरू हुई बैठक रात 9:25 बजे समाप्त हुई। बातचीत के बाद छात्रों ने साफ कर दिया कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार के साथ सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।

छात्रों ने यह भी ऐलान किया कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय समय पर होगा और इसे सफल बनाने के लिए राज्यभर के अभ्यर्थियों से रांची पहुंचने की अपील की गई है।

मंत्री बोले- सकारात्मक माहौल में हुई बातचीत

बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वार्ता को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बेहद शांत एवं मित्रतापूर्ण माहौल में बातचीत हुई। छात्रों की सभी मांगों को विस्तार से सुना और समझा गया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और मांगों पर विचार करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

छात्र बोले- मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन जारी रहेगा

वार्ता में शामिल छात्रों ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों की पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने बैठक के दौरान मांग पत्र के सभी बिंदुओं को सरकार के सामने विस्तार से रखा।

छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार ने उनका मांग पत्र स्वीकार कर लिया है, लेकिन मांगों के समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन या निर्णय नहीं दिया गया। इसलिए आंदोलन वापस लेने का सवाल ही नहीं है।

रविंद्र पासवान बोले- पहली वार्ता सकारात्मक रही

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार के साथ यह उनकी पहली औपचारिक बैठक थी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और सभी पक्षों ने बैठकर एक-दूसरे की बातें सुनीं।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अब छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। मांगों पर ठोस निर्णय होने के बाद ही आंदोलन को लेकर आगे कोई फैसला लिया जाएगा।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव पर अड़े छात्र

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। छात्र नेताओं ने कहा कि 10 अगस्त का विधानसभा घेराव हर हाल में होगा। उन्होंने झारखंड के युवाओं और JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में—

0 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम तत्काल रद्द करना।
0 जिन अन्य परीक्षाओं में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करना।
0 भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना।
0 परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित कदाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच करना।

छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC परीक्षा में कदाचार के मामले सामने आए हैं और ऐसे में PT का परिणाम रद्द किया जाना चाहिए।

सरकार का पक्ष क्या है?

सरकार की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर CID मामले की पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से जांच कर रही है। सरकार के अनुसार, मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

सरकार ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा है कि वह उनकी मांगों को लेकर संवेदनशील है और सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लेने का प्रयास करेगी।

अब आगे क्या?

करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच संवाद की शुरुआत तो हुई, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में अब सरकार की अगली कार्रवाई और 10 अगस्त के विधानसभा घेराव पर सबकी नजरें टिकी हैं। छात्रों ने फिलहाल आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।